बदायूं। इस्लामनगर विस्फोट कांड में स्थानीय लोगों के भी बयान दर्ज होंगे। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच कर रहीं एडीएम प्रशासन रेनू सिंह ने 11 मई तक का समय दिया है। अगर जनता का कोई व्यक्ति अपने बयान दर्ज कराना चाहता है तो वह 11 मई तक कार्यालय आकर बयान दर्ज करा सकता है।
एक अप्रैल को इस्लामनगर कस्बे में बड़ा विस्फोट हो गया था, जिसमें मां-बेटे की मौत हो गई थी। मकान मालिक अख्तर आतिशबाजी की दुकान चला रहा था और अपने ही घर में पटाखों का निर्माण भी कर रहा थ। उसके घर में पटाखों का गोदाम बना हुआ था। एक अप्रैल को अख्तर का बेटा तैमूर अनार चला रहा था। उसी दौरान पटाखों के ढेर में आग लग गई, जिससे तेज धमाके के साथ पूरा मकान ढह गया था। इसमें तैमूर और उसकी मां सलामत बेगम की मौत हो गई थी। इसकी मजिस्ट्रेटी जांच एडीएम प्रशासन रेनू सिंह कर रहीं हैं। उन्होंने बताया कि इसमें 11 मई तक जनता के लोगों के बयान दर्ज किए जाएंगे।