पिछले नौ दिनों से क्षेत्रीय बैंक से कैश न मिलने से खफा ग्रामीणों ने तहसील में प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
एसडीएम दिनेश कुमार सिंह को दिए गए ज्ञापन में गांव घूरनपुर, शिकारपुर, धुविया सहित कई गांवों के ग्रामीणों ने बताया कि वह पिछले नौ दिनों से लगातार सुबह से शाम तक बैंक के गेट पर लाइन लगाए खड़े रहते हैं। लेकिन उनको भुगतान नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि उन्हें शाम को यह कहकर वापस लौटा दिया जाता है कि कैश नहीं है, खत्म हो गया। इस कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गेहूं की बुआई नहीं हो पा रही है। तीमारदार बीमार परिजनों का इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं। उन्होंने गंभीर आरोप भी लगाए। ज्ञापन देने वालों में भगवान दास, चमन, सीताराम, थान सिंह, सूरजपाल, होरीलाल, रूमसिंह, नफीसा, मिठ्ठन खां, शायक अली, सलीम अख्तर, मजलिस, रामस्वरूप, शहजाद आदि मौजूद रहे। एसडीएम ने ग्रामीणों को शीघ्र भुगतान कराए जाने का आश्वासन दिया है।
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शादी का कार्ड दिखाने के बाद भी नहीं मिल रहा कैश
जरीफनगर/दहगवां। नोटबंदी से लोगों के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। शादी समारोह के लिए लोगों को कार्ड दिखाने के बाद भी रुपये नहीं मिल रहे हैं। लंबी कतारों में लगे ग्राहकों ने बताया कि उन्हें उम्मीद थी कि अवकाश के बाद स्थिति में सुधार होगा। लेकिन हालात पूर्व की तरह ही रहे। मंगलवार को नेटवर्किंग की वजह से मुश्किलें और बढ़ गईं। बताया कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी कैश उपलब्ध नहीं हो सका। एटीएम पर ताले लटके रहे। इस व्यवस्था पर लोगों में आक्रोश भी रहा। कस्बा स्थित एसबीआई शाखा में भी लंबी लाइन लगी रही। यातायात व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मियों को भी खासी मशक्कत करनी पड़ी।
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बिल्सी। नगर की बैंकों के एटीएम भी ठप्प रहे। सुबह से लगी ग्राहकों की लाइन शाम तक लगी रही। कई-कई घंटे लाइन में लगने के बाद भी निर्धारित धनराशि न मिलने पर ग्राहकों ने रोष भी जताया।