एसएसपी कार्यालय परिसर में एसपी सिटी से एफआईआर निरस्त कराने की मांग करते टक्सेना के लोग। संवाद
बदायूं। उसावां थाने में दर्ज एफआईआर के विरोध में टक्सेना गांव के तमाम ग्रामीण शुक्रवार सुबह एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को बताया कि थाना पुलिस ने कई निर्दोष लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है जबकि वे जाम लगाने के दौरान मौके पर मौजूद ही नहीं थे। इस संबंध में एसपी सिटी को ज्ञापन भी सौंपा गया।
हजरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम टक्सेना के ग्रामीणों ने बताया कि 30 जनवरी की सुबह रामबरन, मुकेश और हृदेश बाइक से म्याऊ में कपड़े खरीदने जा रहे थे। इस दौरान सांड़ी और हड़ौरा गांवों के बीच एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में रामबरन की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि मुकेश ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था।
हृदेश का अब भी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस दौरान कुछ लोगों ने जाम भी लगाया। इसे में पुलिस ने जाम लगाने का आरोप लगाते हुए 12 नामजद समेत 13 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की।
जब इस बारे में ग्रामीणों को जानकारी हुई तो वे हैरान रह गए। शुक्रवार सुबह गांव के तमाम लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली से एसएसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव से मुलाकात की। ग्रामीणों ने बताया कि कई निर्दोष लोगों को नामजद किया गया है। उन्होंने सभी लोगों के नाम एफआईआर से निकलवाने की मांग की।
इस दौरान शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष वफाती मियां, पिछड़ा वर्ग के पूर्व जिला अध्यक्ष मोरपाल प्रजापति, रामकिशोर, हरीश चंद्र, पुष्पेंद्र कुमार, रामवीर सिंह, अरुण कुमार, नीलेश समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।