बदायूं। विकास भवन में लगे सभी फायर सिलिंडर दो माह पहले एक्सपायर हो गए हैं। बावजूद इसके अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।ऐसा तब है, जबकि रोजाना ही जिले के सैकड़ों लोगों की आवाजाही दिनभर यहां बनी रहती है। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना घटती है तो विभागीय कामकाज तो प्रभावित होंगे ही, साथ ही बड़ी जनहानि से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
विकास भवन में जहां पूरे जनपद की योजनाओं की रूपरेखा तैयार होती है, वहीं आज खुद सुरक्षा के मोर्चे पर बुरी तरह फेल साबित हो रहा है।भवन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) के साथ 21 विभागों के अधिकारी कर्मचारी बैठते हैं। रोजाना सैकड़ों लोग शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। लगातार भीड़, पुरानी संरचना और संवेदनशील कामकाज के बावजूद सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह भगवान भरोसे हैं। यहां पर सबसे बड़ी लापरवाही फायर सेफ्टी को लेकर सामने आई है।
भवन में लगे फायर सिलिंडर नौ सितंबर को ही एक्सपायर हो चुके हैं। दो महीने से अधिक बीतने के बाद भी इन्हें बदलने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आगजनी की स्थिति में यही सिलिंडर पहली सुरक्षा दीवार होते हैं, लेकिन अब वे केवल दीवार पर टंगे निष्क्रिय शो-पीस बन चुके हैं। ऐसे में यदि कोई दुर्घटना घटती है तो विभागीय कामकाज तो प्रभावित होंगे ही, साथ ही बड़ी जनहानि से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
मंत्री-विधायकों और जनप्रतिनिधियों का भी होता है आना-जाना
विकास भवन में समय-समय पर उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित होती रहती हैं, जिनमें जिले के वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री, विधायक, जिला पंचायत सदस्य और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल होते हैं। दुर्भाग्य यह कि इनके लगातार दौरे के बावजूद भवन की सुरक्षा व्यवस्था पर किसी की नजर नहीं पड़ रही। सुरक्षा मानकों की इस घोर अनदेखी से प्रशासन की उदासीनता और सिस्टम की कमजोरी साफ झलकती है।
मुख्य गेट पर भी लगा है एक्सपायर फायर सिलिंडर
स्थिति कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुख्य गेट पर लगाया गया फायर सिलिंडर भी एक्सपायर है। सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है, यह अलग सवाल है, लेकिन यह साफ है कि किसी ने महीनों से उसे छूकर देखने तक की जहमत नहीं उठाई। यह लापरवाही किसी बड़े हादसे को दावत देने से कम नहीं।
अग्निशमन अधिकारी भी नहीं देते हैं ध्यान
हादसा होने के बाद ही अग्निशमन विभाग कुछ समय के लिए सक्रिय दिखाई देता है। उसके बाद में अधिकारी, कर्मचारी केवल दिखावे के लिए काम करते नजर आते हैं। क्योंकि इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है। विकास भवन में दो माह से एक्सपायर हो गए हैं। लेकिन अग्निशमन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने सरकारी कार्यालय में लगे फायर सिस्टम को चेक करने की जहमत नहीं उठाई है।
जिले में पहले भी हो चुके हैं आग के बड़े हादसे
15 नवंबर 2025 : नई सराय मोहल्ले की नई बस्ती में मोहम्मद सफी के घर आग लगी।
22 अक्तूबर 2025 : बिल्सी रोड स्थित अपोलो अस्पताल में भीषण आग।
22 मई 2025 : उझानी के कुड़ा नरसिंहपुर की मेंथा फैक्टरी में आग, भारी नुकसान।
02 नवंबर 2025 : बिनावर में कृष्णपाल की दुकान में आग।
22 दिसंबर 2024 : बदायूं मंडी समिति की फल मंडी में आग, लाखों का नुकसान।
जिन फायर सिलिंडरों की तिथि समाप्त हो चुकी है। उनको चेक कराके जल्द ही बदलवाने का काम किया जाएगा। इसके लिए दमकल विभाग को बता दिया जाएगा। अगर दो महीने पहले तिथि समाप्त हो गई है ताे संबंधित बाबू के खिलाफ भी लापरवाही बरतने की कार्रवाई कराई जाएगी। - केशव कुमार, सीडीओ, बदायूं
विकास भवन में मुख्य गेट पर लगा एक्सपायर फायर सिलिंडर। संवाद
विकास भवन में मुख्य गेट पर लगा एक्सपायर फायर सिलिंडर। संवाद