बदायूं। अमूमन लोग जल्दबाजी में वाहन के कागजात ले जाना भूल जाते हैं। यही भूल सराफा व्यापारी के लिए परेशानी का सबब बन गया कि शुक्रवार को इंदिरा चौक पर पहुंचते ही दरोगा ने बाइक पकड़ ली और मिन्नतें करने और पैर छूने के बाद भी बाइक नहीं छोड़ी और डेढ़ हजार रुपये का चालान काट दिया।
सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्ममपुर निवासी व्यापारी आर्येंद्र गुप्ता ने 11 सितंबर को सराफा मार्केट में अपनी सोने-चांदी की दुकान खोली थी। दुकान का उद्घाटन हो चुका था। आर्येंद्र गुप्ता की माने तो जिस समय दरोगा ने उनके बेटे की बाइक पकड़ी थी। उस समय वह शहर से बाहर थे। बेटा सुमित गुप्ता दुकान पर बैठा था और एक नौकर था। उन्होंने इंदिरा चौक स्थित दुकानदार को प्रिंटर के पैसे तो दे दिए थे लेकिन वह किसी वजह से प्रिंटर नहीं ला पाए थे। गुरुवार रात कोई ग्राहक दुकान पर बिल लेने आया था। इससे शीशे बाला दुकान का गेट बंद करके प्रिंटर लेने के लिए इंदिरा चौक तक आया था। उसने अपने नौकर को दुकान के बाहर बैठा दिया था। उसके बाद इंदिरा चौक पर पहुंचते ही दरोगा ने बाइक पकड़ ली। सुमित ने अपने पिता आर्येंद्र गुप्ता को फोन किया। उन्होंने दरोगा से पांच मिनट का समय मांगा था। उन्होंने यही सबसे बड़ा गुनाह कर दिया। उनके पहुंचने तक सुमित दरोगा से मिन्नतें करता रहा। बाद में पिता-पुत्र ने कागज भी दिखाए, माफी भी मांगी और पैर भी छुए फिर भी दरोगा का दिल नहीं पसीजा। हेलमेट, लाइसेंस और इंश्योरेंस न होने के आरोप में डेढ़ हजार रुपये का चालान कर दिया। कहा वह दुकान की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे, अगर पूरे इरादे से निकले होते तो कम से कम हेलमेट साथ होता और बाइक के कागजात भी।