बदायूं। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) दिनेश तिवारी की कोर्ट ने नाबालिग को बहलाकर ले जाने व पॉक्सो एक्ट के मामले में अभियुक्त हरपाल सिंह निवासी ग्राम बसंतनगर थाना उझानी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। कोर्ट ने वादी और उसकी मां के कोर्ट में गवाही से मुकरने को लेकर सख्ती दिखाते हुए दोनों के विरुद्ध पॉक्सो अधिनियम में वाद दर्ज करने का आदेश दिया है।
अलापुर थाने में वादी ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि 6 अक्तूबर 2021 को उसकी बहन (18) को हरपाल सिंह बहलाकर ले गया था, जो अपने साथ पचास हजार रुपये व दो चार अन्य चीजें भी ले गई है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की और जांच शुरू कर दी। विवेचना कर अभियुक्त के विरुद्ध कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल किया। कोर्ट ने सुनवाई शुरू की।
पीड़िता ने कोर्ट में दी मुख्य गवाही में बताया कि उसका मां से झगड़ा हो गया था। इससे नाराज होकर वह अपनी बहन की ससुराल मिर्जापुर चली गई थी। हरपाल ने मेरे साथ कोई छेड़खानी नहीं की। न ही हरपाल के साथ मैंने शादी की है। न ही वह मुझे दिल्ली ले गया था। मैं गुस्सा शांत होने पर खुद ही घर लौट आई थी।
उधर, पीड़िता की मां ने कोर्ट में गवाही दी कि मेरा पीड़िता से झगड़ा हो गया था। हरपाल पुत्री को नहीं ले गया था। वादी ने भी कहा कि मां का बहन के झगड़ा होने पर बहन कहीं चली गई थी। गांव वालों के कहने पर हरपाल के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह पढ़ा लिखा नहीं है। सिर्फ नाम लिखना जानता है। तहरीर गांव के व्यक्ति ने लिखी थी। पीड़िता के भाई और बहन कोर्ट में अपने बयान से मुकर गए थे।