बदायूं की रहने वाली यौन उत्पीड़न पीड़िता ने दो न्यायिक अधिकारियों और अन्य के खिलाफ गृह मंत्रालय को शिकायत भेजी है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अधिकारियों ने धार्मिक पक्षपात दिखाते हुए विपक्षी पक्ष के अभियुक्तों की मदद की और अपने पद का दुरुपयोग किया।
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पीड़िता ने न्यायिक अधिकारियों के निर्णयों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह आदेश न केवल एकतरफा है, बल्कि इसमें पद और धर्म के आधार पर पक्षपात भी परिलक्षित होता है। शिकायती पत्र में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि संबंधित न्यायिक अधिकारियों ने अपने पद का उपयोग करते हुए आरोपी पक्ष को अनुचित लाभ पहुंचाया, जिससे उसे न्याय मिलने की संभावना प्रभावित हुई है। उसने मामले में गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की है और न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।
बता दें कि पीड़िता ने कोर्ट के आदेश पर हुक्काबार संचालक अरबाज के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद अरबाज की मां ने 16 अगस्त को कोर्ट के आदेश पर पीड़िता व उसके परिवार के खिलाफ ब्लैकमेलिंग की रिपोर्ट सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई है। इस मुकदमे में फंसने के बाद पीड़िता ने न्यायिक अधिकारियों की शिकायत की है।