बदायूं में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने शनिवार को जिहादी मानसिकता, अवैध कब्जों और सुनियोजित षड्यंत्रों के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। कार्यकर्ताओं ने असामाजिक तत्वों पर देश की सामाजिक संरचना और आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने का आरोप लगाया।
बदायूं में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने शनिवार को मालवीय आवास पर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कथित जिहादी मानसिकता, अवैध कब्जों और सुनियोजित षड्यंत्रों के विरोध में आवाज उठाई। इस दौरान राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा गया।
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संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पर एकत्रित हुए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व देश की सामाजिक संरचना और आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन रहे हैं। जिला अध्यक्ष नीरज रस्तोगी ने कहा कि यह केवल चेतावनी नहीं, बल्कि एक गंभीर संकट का संकेत है। संगठित रूप से समाज की आस्था, संस्कृति और सामाजिक संरचना पर प्रहार किए जा रहे हैं, जिन्हें अब अनदेखा नहीं किया जा सकता।
धर्मांतरण और अवैध कब्जों का मुद्दा उठाया
प्रांत गौ रक्षा प्रमुख संजीव प्रजापति ने विभिन्न राज्यों में सामने आए मामलों का हवाला दिया। उन्होंने युवतियों को निशाना बनाकर शोषण, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं का जिक्र किया। सार्वजनिक, सरकारी भूमि और रेलवे विभाग की जमीन पर अवैध कब्जों को भी कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया गया। इसके अतिरिक्त, कुछ क्षेत्रों में अल्पसंख्यक हिंदू परिवारों और जनजातीय समाज की बालिकाओं के साथ शोषण की घटनाओं का भी आरोप लगाया गया।
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मातृ शक्ति संयोजिका प्रतिभा गुप्ता ने ऐसी आपराधिक और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल तत्वों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सार्वजनिक और सरकारी भूमि से अवैध कब्जे तत्काल हटाने पर जोर दिया। जबरन धर्मांतरण और शोषण की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून लागू करने की भी मांग की गई। इस प्रदर्शन में जिला मंत्री विनय प्रताप सिंह सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।