दिन में धूप खिलने के बावजूद सर्दी से ठिठुरन से लोग शरीर पर गरम कपड़े बढ़ाने को मजबूर हैं। रात में पारा गिरने की वजह से गलन जानलेवा होती जा रही है, जबकि दिन में सूर्यदेव के दर्शन देने के बावजूद लोगों को ठिठुरन का एहसास होता रहा। गुरुवार को अधिकतम पारा दो डिग्री घटकर 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो एक दिन पहले 17 डिग्री सेल्सियस था।
जनवरी के पहले सप्ताह में जहां कोहरा गिरने की वजह से लोगों को सर्दी परेशान कर रही थी, दूसरे सप्ताह में सूर्यदेव के दर्शन तो हो रहे हैं, लेकिन सर्दी से राहत नहीं मिल पा रही है। हालांकि गुरुवार को सुबह से ही धूप खिल गई थी लेकिन सर्द हवा चलने से लोगों को दिन में भी सर्दी से राहत नहीं मिली। वहीं, सूर्यास्त के बाद अचानक से गलन बढ़ गई तो लोग घरों में दुबक गए। गुरुवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री घटकर 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस पर रहा। वहीं, रात को पारा गिरने के साथ ही शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। उधर, भीषण सर्दी के चलते लोगों को खुले में रात काटना मुश्किल हो गया। तमाम लोगों ने घरों में हीटर जलाकर और अंगीठी या कोयला सुलगाकर सर्दी से राहत पहुंचाने की कोशिश की। शहर में नगर पालिका परिषद की ओर से जलवाए जा रहे अलाव रात में नजर नहीं आते हैं। इससे शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर रिक्शाचालक ठिठुरते देखे जाते हैं।