बदायूं। शहरवासियों के लिए यह अच्छी खबर है कि अब उन्हें गैस कंपनियों की मनमानी से छुटकारा मिलने वाला है। सब कुछ सही रहा तो महानगरों की तर्ज पर शहर में घरेलू गैस की आपूर्ति पाइपलाइन के जरिये होगी। नगर पालिकाध्यक्ष ने लगभग डेढ़ साल पहले इसके लिए कंपनी समेत शासन से पत्राचार किया था। अब कंपनी की टीम ने शहर का सर्वे किया है।
अभी तक शहर में चुनिंदा गैस एजेंसियां हैं, जिनसे शहर के हजारों उपभोक्ता जुड़े हैं। वर्तमान में उपभोक्ताओं को उनकी ही मनमानी झेलनी पड़ रही है। गैस की बुकिंग कराना, सिलिंडर लाने समेत कई काम लोगों को करने पड़ते हैं, जिससे उनके समय की बर्बादी होती है। यदि उपभोक्ता हॉकर से सीधे काम कराते हैं तो उन्हें तीस से पचास रुपये अतिरिक्त चुकाने पड़ते हैं। कई उपभोक्ताओं को नियमों की जानकारी भी नहीं है। इसका फायदा गैस कंपनियां उठा रही हैं। इन्हीं के मद्देनजर नगर पालिकाध्यक्ष दीपमाला गोयल ने करीब डेढ़ साल पहले हिंदुस्तान पेट्रोलियम से संपर्क साधते हुए पत्र लिखा था, साथ ही भागदौड़ भी की थी। इसका नतीजा यह हुआ कि अब कंपनी ने सारी प्रक्रिया के बाद इसे स्वीकृत कर लिया है। नगर पालिका इसके लिए एनओसी जारी करेगी, जिसके बाद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए मंगलवार को कंपनी से जुड़े लोगों ने शहर का सर्वे भी किया। उन्होंने शहर का मानचित्र भी तैयार किया है कि कैसे आगे की कार्रवाई की जानी है।
उपभोक्ताओं को मिलेगी सस्ती गैस, बचेगी भागदौड़
अभी घरेलू गैस सिलिंडर लोगों को 840 रुपये का पड़ रहा है। यदि हॉकर या लाने ले जाने का खर्च जोड़ा जाए तो यह लगभग नौ सौ रुपये का पड़ता है। दिनों दिन इसकी कीमतों में भी बढ़ोतरी होती जा रही है। हाल ही में अच्छे खासे दाम सिलिंडर के बढ़े है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। पाइप लाइन से घरेलू गैस की आपूर्ति होने के बाद यह उतनी महंगी नहीं पड़ेगी, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर बोझ कम पड़ेगा। लोग जैसे बिजली का बिल जमा करते हैं, उसी तरह इसका बिल भी आएगा, यानी जितनी गैस खर्च की जाएगी, उतने ही पैसे उपभोक्ता को चुकाने होंगे। हालांकि अभी तो सर्वे हुआ है। पाइपलाइन से गैस पाने में लोगों को अभी इंतजार करना होगा।
डेढ़ साल पहले गैस पाइप लाइन के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम को पत्र भेजा था। तब से लगातार उनके संपर्क में थे ताकि शहर के लोगों को सुविधा दिलाई जा सके। पाइपलाइन से आपूर्ति होने के बाद लोगों की काफी दिक्कतें कम हो जाएंगी और उन्हें लगभग आधी कीमत पर रसोई गैस मिल सकेगी। पालिका द्वारा इसके लिए कंपनी को एनओसी जारी की जाएगी, बाकी काम कंपनी खुद करेगी। - दीपमाला गोयल, नगर पालिकाध्यक्ष