फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा और गायत्री माता के रूप में वंदनीय

Mon, 05 Jun 2017 01:38 AM IST
बदायूं
विज्ञापन
विज्ञापन
गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर गायत्री जयंती धूमधाम से मनाई गई। पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। परिजनों ने लोक कल्याण के लिए गायत्री मंत्र, महा मृत्युंजय मंत्र के अलावा प्राकृतिक आपदाओं और सूखा निवारण की विशेष आहुतियां यज्ञ भगवान को समर्पित कीं।
विज्ञापन

 गायत्री मंत्र की दीक्षा के साथ ‘वयं राष्ट्रे जागृयाम पुरोहिता:‘ का संदेश दिया। गायत्री शक्तिपीठ के अनिल प्रकाश गुप्ता ने बताया कि गंगा से पवित्रता और गायत्री से प्रखरता मिलती है। इसी दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ और महर्षि विश्वामित्र गायत्री मंत्र के द्रष्टा बनें, ब्रह्मर्षि के पद पर प्रतिष्ठित हुए। शक्तिपीठ के नत्थूलाल शर्मा ने कहा कि मां गायत्री की साधना सूक्ष्म रूप से प्राणों को परिष्कृत कर मनुष्य को निर्मल बना देती है। गंगा और गायत्री दोनों ही माता के रूप में वंदनीय है। प्रज्ञा मंडल के भवेश शर्मा ने वेदमंत्रोच्चाण पांच कुंडीय यज्ञ कराया। मातृशक्ति शशि प्रजापति, शोभना भारद्वाज ने ‘गायत्री के महामंत्र से जीवन के सब पाप हरो‘ और ‘हे गायत्री माता तेरी, महिमा अपरंपार है‘ गीतों का श्रवण कराया। माया सक्सेना, रजनी मिश्रा, पूनम ने पूजन कराया। परिब्राजक रामदेव शर्मा, सुरेश कुमार मिश्रा, नरेंद्र कुमार, दिनेश गुप्ता, अनिल प्रकाश गुप्ता आदि मुख्य यजमान के रूप में रहे। पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ में लोक कल्याणार्थ गायत्री मंत्र की विशेष आहुतियां समर्पित की गई। मातृशक्ति कुंतीराम शर्मा और सीमा गुप्ता ने पुष्प वर्षा की। देवकन्याओं ने सैकड़ों की संख्या में दीप प्रज्ज्वलित किए। मां गंगा और मां गायत्री की भव्य आरती उतारी। इस मौके पर मुख्य प्रबंध ट्रस्टी बी ज्ञानेंद्र, पीसी शर्मा, सुरेंद्र नाथ शर्मा, सुखपाल शर्मा, कृपाल सिंह, रामचंद्र प्रजापति, कालीचरन पटेल, ललतेश, संतोष मिश्रा, बोधेंद्र, जितेंद्र यादव, संजीव कुमार शर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें