सैदपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेश के सभी विद्यालयों व शिक्षण संस्थाओं में इसे अनिवार्य रूप से लागू किए जाने की घोषणा पर अब विभिन्न मत सामने आने लगे हैं।
प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुफ्ती शाने आलम मिस्बाही ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह घोषणा फिलहाल केवल एक प्रस्ताव है, इसके लिए अभी कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा, जब यह व्यवस्था विधिक रूप से पारित होकर अमल में लाई जाएगी, तभी इसके सभी पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जा सकेगा।
इसके वैकल्पिक प्रावधानों और व्यावहारिक पक्षों का अध्ययन करने के बाद ही कोई ठोस राय दी जा सकती है। अभी इस विषय पर टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी। मुफ्ती ने आगे कहा कि देश की एकता और सौहार्द को बनाए रखना हम सभी की जिम्मेदारी है, इसलिए इस विषय को शांति, सम्मान और समझदारी से देखा जाना चाहिए।