भगवान वाल्मीकि की जयंती पर धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। खेड़ा नवादा वाल्मीकि मंदिर से शोभायात्रा को जयकारों के साथ शुरू किया गया। शोभायात्रा में स्वचालित झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। मां दुर्गा की शेरों से सजी झांकी को बहुत सराहा गया और मां काली स्वरूप में सजे कलाकारों का प्रदर्शन भी रोंगटे खड़े कर देने वाला रहा।
शोभा यात्रा दास कॉलेज, पुरानी चुंगी, टिकटगंज, हलवाई चौक, सर्राफा मार्केट, सुभाष चौक, पनवडिय़ा, छ: सड़का, जवाहरपुरी होती हुई लोटनपुरा में समाप्त हुई। शोभायात्रा को देखने के लिए लोग घरों की छतों और चबूतरों पर भीड़ लगाकर खड़े रहे। वाल्मीकि शोभायात्रा के दौरान पुलिस ने चाक चौबंद सुरक्षा व्यवस्था की।
आत्माराम कॉलेज में जयंती समारोह
अलापुर। नगर के आत्माराम डिग्री कालेज में महार्षि वाल्मीकि जयंती पर गोष्ठी के माध्यम से महार्षि के जीवन प्रकाश डाला गया। इस मौके पर कॉलेज के संस्थापक मनीराम मिश्र और प्रोफेसर राघवेंद्र सिंह उनके द्वारा रचित रामायण के माध्यम से भारतीय संस्कृति की सराहना की।
विधायक और चेयरमैन ने दिखाई शोभा यात्रा का हरी झंडी
बदायूं। महर्षि वाल्मीकि के प्राकट्य दिवस पर निकली भव्य शोभायात्रा को विधायक/ वक्फ विकास निगम के अध्यक्ष आबिद रजा एवं चेयरमैन फात्मा रजा ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर रवानगी दी। सबसे आगे लवकुश घोड़ों के साथ चल रहे थे। रजा ने कहा कि त्योहार कोई भी हो, जब तक होली मुस्लिम और ईद हिंदू पूरे मन से मनाएं तब तक उसकी सार्थकता नहीं होती। वह वाल्मीकि समाज के कर्जदार हैं।