सिविल लाइंस थाने में पुलिस हिरासत में अपराधी।स्रोत-पुलिस
बदायूं। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने एक ऐसे गिरोह को गिरफ्तार किया है, जो असली जमीन के नकली मालिक बनकर उसका बैनामा कर देते थे और फिर उस जमीन के खरीदार से सर्किल मूल्य के अनुसार रुपये ठग लेते थे। इससे पहले वह असली जमीन के मालिक के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाते थे और फिर तहसील से खसरा-खतौनी निकलवाकर जमीन का सौदा करते थे। इस संबंध में अब तक सिविल लाइंस पुलिस तीन मुकदमे दर्ज कर चुकी है। सोमवार सुबह चार ठगों को गिरफ्तार कर लिया गया। दोपहर बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
इंस्पेक्टर गौरव बिश्नोई ने बताया कि सोमवार सुबह शहर के बाईपास से चार ठगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अलापुर थाना क्षेत्र के गांव अट्ठर्रा निवासी बबलू, सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के ग्राम नौशेरा निवासी अजय यादव उर्फ जगओम, सत्यप्रकाश उर्फ साधू और अलापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कोठा निवासी बबलू उर्फ रंजीत शामिल हैं। इन ठगों ने जनवरी 2024 में ग्राम नाैशेरा निवासी सचिन और सुधीर की जमीन बेच दी थी। इनमें एक ठग सुधीर और एक ठग सचिन बन गया था। दोनों ने पहले सचिन और सुधीर नाम के फर्जी आधार कार्ड बनवाए। फिर आदिल और आलम दस्तगीर नाम के व्यक्ति को जमीन का सौदा कर दिया था। इसकी शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी थी। छानबीन के दौरान पता चला कि आरोपी जमीन के असली मालिक के नाम से फर्जी आधार कार्ड बनवाकर तहसील से खसरा खतौनी निकलवा लेते थे। उसके बाद जमीन का बैनामा कर देते थे।
सोमवार दोपहर बाद पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जी अभिलेख बनाने और भूमाफिया के तहत कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
ऐसे पकड़े गए बदमाश
- इन ठगों से जिन लोगों ने जमीन खरीदी थी। उन्होंने बैनामा की एक कॉपी तहसील में जमाकर उसकी दाखिल खारिज कराने की कोशिश की थी। तब तहसील द्वारा जमीन के असली मालिकों को नोटिस भेजे गए। जब असली मालिकों के पास दाखिल खारिज के सम्मन पहुंचे तो वह देखकर हैरान रह गए। इसके बाद उन्होंने मामले की छानबीन की और रजिस्ट्री कार्यालय जाकर फर्जी बैनामा की कॉपी निकलवाई। तब असली मालिक सचिन और सुधीर ने पुलिस को तहरीर दी।
कोतवाली पुलिस ने भी दबोचे दो फर्जी विक्रेता और एक गवाह
बदायूं। शहर कोतवाली क्षेत्र में भी इस तरह का एक मामला सामने आया है, जहां जमीन के फर्जी मालिक बनकर सौदा कर दिया गया। इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बताया कि 12 मई को कबूलपुरा निवासी सतीश कुमार ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उनका कहना था कि उनकी जमीन के नकली मालिक बनकर उसका सौदा कर दिया गया। इस संबंध में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। सोमवार को पुलिस ने कबूलपुरा निवासी वीरेंद्र, राकेश और नाहरखां सराय निवासी कुलदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। इनमें वीरेंद्र और राकेश ने फर्जी क्रेता बनकर सतीश की जमीन का सौदा कर दिया था। बैनामा में कुलदीप शर्मा और राहुल को गवाह बनाया गया था जबकि जमीन का खरीदार निश्चल पटेल बना। यह सबकी मिलीभगत थी। इसमें राहुल और निश्चल पटेल अभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। पुलिस उन्हें तलाश कर रही है जबकि वीरेंद्र, राकेश और कुलदीप शर्मा को मंगलवार दोपहर बाद जेल भेज दिया गया।