बिल्सी। नगर में यूजीसी के नए नियमों के विरोध को लेकर सवर्ण समाज के लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। बुधवार को लोगों ने नगर के गांधी पार्क से तहसील तक पैदल मार्च निकालते हुए जोरदार नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर यूजीसी के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया। पैदल मार्च गांधी पार्क से शुरू होकर नगर के प्रमुख मार्गों से होता हुआ तहसील मुख्यालय पहुंचा। इस दौरान यूजीसी वापस लो, समाज को बांटने की साजिश नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए गए। तहसील परिसर पहुंचने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी प्रेमपाल सिंह को दिया।
भाजपा नेता शैलेंद्र शर्मा ने कहा कि जिस तरीके से यूजीसी के नए नियमों को लागू किया गया है, उससे समाज में भ्रम और विभाजन पैदा किया जा रहा है। सवर्ण समाज इस व्यवस्था को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यदि यूजीसी को वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
व्यापारी नेता डॉ. राजाबाबू वार्ष्णेय और अवधेश लड्डा ने कहा कि यूजीसी के माध्यम से विद्यार्थियों को आपस में बांटने का प्रयास किया जा रहा है, जो देश और समाज के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि समाज इस निर्णय का पुरजोर विरोध करता है। समाजसेवी दीपक चौहान और रजनीश शर्मा ने कहा कि समाज यूजीसी के विरोध में एकजुट है और जरूरत पड़ी तो सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जब तक यूजीसी वापस नहीं होगी, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान तहसील परिसर और आसपास पुलिस बल तैनात रहा। शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए इस प्रदर्शन में भारी संख्या में सवर्ण समाज के लोग मौजूद रहे।
भाजपा के दो बूथ अध्यक्षों ने दिया इस्तीफा
बिल्सी। देश में लागू किए गए यूजीसी के नए नियमों के विरोध में सवर्ण समाज में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका लगा है। उघैती मंडल के दो बूथ अध्यक्षों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा देने वालों में सुमित गुप्ता और केशव मिश्रा शामिल हैं। दोनों नेताओं ने यूजीसी कानून को समाज के हितों के विरुद्ध बताते हुए कहा कि यह कानून सवर्ण समाज के साथ अन्याय है। उन्होंने पार्टी नेतृत्व से कानून पर पुनर्विचार की मांग की है। इस्तीफे के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। संवाद
दो सवर्ण युवाओं ने पीएम और राष्ट्रपति को लिखे खून से पत्र
नूरपुर पिनौनी। यूजीसी को लेकर गांव देहात तक विरोध पहुंच गया है। इसके चलते ब्लॉक इस्लामनगर के गांव नूरपुर पिनौनी निवासी सौरभ दीक्षित व सुराही निवासी दीपक दीक्षित ने इस कानून को सरकार से वापस लेने के लिए प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम खून से पत्र लिखा है। इसमें यूजीसी कानून को वापस लेने की मांग की गई है। इसके साथ ही युवाओं ने प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन बिल्सी के एसडीएम को ज्ञापन दिया। इस कानून को सवर्ण विरोधी बताया गया है। कहा कि इससे सवर्ण वर्ग के बच्चों का कॅरियर चौपट हो जाएगा। संवाद
भाजपा के बूथ अध्यक्ष सोमेश ने दिया इस्तीफा
बदायूं। बिसौली विधानसभा से भाजपा के बूथ अध्यक्ष सोमेश मिश्रा ने यूजीसी का विरोध करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा मंडल अध्यक्ष को सौंपा गया है। इसमें कहा गया है कि वह यूजीसी जैसे काले कानून को सवर्ण विरोधी मानते हैं। यह सामाजिक सिद्धांतों के प्रतिकूल है। इसमें निहित नियमों के विरोध में हैं। इसलिए अपने पद से स्वप्रेरणा से इस्तीफा दे रहे हैं। संवाद
यूजीसी के खिलाफ शांति मार्च आज
उझानी। नगर में यूजीसी के खिलाफ शांति मार्च बृहस्पतिवार शाम करीब चार बजे स्टेशन रोड स्थित नगर पालिका कार्यालय के सामने से शुरू होगा। सवर्ण समाज की ओर से आयोजित शांति मार्च को लेकर क्षत्रिय महासभा के नेता अमित प्रताप सिंह और एके तोमर ने बताया कि शांति मार्च मुख्य मार्ग से होकर बाजार में भी पहुंचेगा। यूजीसी काला कानून है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संवाद
बिल्सी के मुख्य बाजार में यूजीसी को लेकर पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
बिल्सी के मुख्य बाजार में यूजीसी को लेकर पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
बिल्सी के मुख्य बाजार में यूजीसी को लेकर पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
बिल्सी के मुख्य बाजार में यूजीसी को लेकर पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
बिल्सी के मुख्य बाजार में यूजीसी को लेकर पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते लोग। संवाद
बिल्सी के मुख्य बाजार में यूजीसी को लेकर पैदल मार्च कर प्रदर्शन करते लोग। संवाद