जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद नकल माफिया व्यवस्था को चौपट करने में जुटे हैं। इसकी खास वजह शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही और सचल दलों की ढिलाई है। जिले की पांच में तीन तहसील क्षेत्रों के परीक्षा केंद्रों पर इमला बोलकर नकल कराई जा रही है। अंदर खाने इसमें सहयोग परीक्षा की व्यवस्था में लगे शिक्षा विभाग के लोग कर रहे हैं।
नकल माफियाओं का दबदबा सबसे ज्यादा बिसौली, सहसवान और दातागंज इलाके में है। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इन परीक्षा केंद्रों पर हर साल बोर्ड परीक्षा में नकल की यही स्थिति रहती है। गौरतलब यह कि इन परीक्षा केंद्रों पर इमला बोलकर नकल कराई जाती है, जिससे नगर पकड़ी न जाए। बिसौली के फैजगंज बेहटा के एक केंद्र पर गाइड से नकल कराने का मामला भी सामने आया है। इस्लामनगर, म्याऊ, उसावां क्षेत्र में भी इमला बोलकर नकल कराए जाने की चर्चा है। चर्चा है कि माफिया ठेके के हिसाब से नकल मुहैया करा रहे हैं।
सचल दल के काम को पलीता लगा रहे भेदिये
बदायूं। पिछली बोर्ड परीक्षा में बनाए गए सचल दल में कोई खास बदलाव नहीं किया गया है। लिहाजा इस बार भी शुरूआत में विवाद हुआ, लेकिन इसके बावजूद टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया। विभागीय सूत्रों की माने तो सचल दल में शामिल भेदिये नकल माफियों को सूचनाए दे रहे हैं। इसलिए सचल दल के पहुंचने से पहले परीक्षा केंद्र पर सूचना पहुंच जाती है। सचल दल में कुछ सदस्य विवादित भी रहे हैं।
सचल दल का पीछा करते युवक को पकड़ा
शनिवार को उझानी, इस्लामनगर, कछला की ओर गए सचल दल की गाड़ी का पीछा कर रही एक गाड़ी को शक होने पर पकड़ लिया। साथ में चल रहे पुलिस के जवानों ने गाड़ी में बैठे लोगों को पकड़ने के बाद पूछताछ की। मगर पीछा करने की पुष्टि नहीं हुई। सूत्रों की माने तो पीछा कर रहे युवक सचल दल की जानकारी दे रहा था। सचल दल प्रभारी एसपी यादव ने बताया कि युवक पर पीछा करने का शक हुआ था। पुलिस के जवानों ने उसे पकड़कर पूछताछ की, लेकिन कोई सबूत नहीं मिले।