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रिकार्ड मेंटेन न होने पर लगाई फटकार

Wed, 04 Mar 2015 11:53 PM IST
बदायूं।
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मंगलवार को बोर्ड परीक्षा का जायजा लेने बदायूं पहुंची इलाहाबाद की संयुक्त निदेशक एवं पर्यवेक्षक मंजू शर्मा ने बुधवार को भी केंद्रों का निरीक्षण किया। जगह-जगह अव्यवस्थाएं मिलीं, जिस पर नाराजगी जताई। उझानी के आदर्श शिक्षा निकेतन केंद्र पर रिकार्ड मेंटेन न मिलने पर प्रधानाचार्य को फटकार लगाई। इसके अलावा उझानी सहित कछला के केंद्रों को भी देखा।
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सुबह की पाली में हाईस्कूल अंग्रेजी की परीक्षा थी। इधर, पर्यवेक्षक मंजू शर्मा भी पूरी टीम के साथ निरीक्षण पर निकलीं। विभागीय जानकारों की माने तो उन्होंने उझानी के आदर्श शिक्षा निकेतन कॉलेज, हरि भगवान इंटर कॉलेज, महात्मा गांधी इंटर कॉलेज, कछला के राधेलाल कॉलेज देखे। हालांकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की नकल नहीं पाई गई, लेकिन आदर्श शिक्षा निकेतन में पहुंचने के बाद जेडी मंजू शर्मा ने कड़ी नाराजगी जताई। रिकार्ड मेंटेन न मिलने पर पर्यवेक्षक ने इन्हें तत्काल दुरुस्त करने को कहा। डीआईओएस वीना यादव ने बताया कि पर्यवेक्षक मंजू शर्मा ने मंगलवार को पहुंची थीं। उन्होंने बुधवार के स्कूल मिलाकर करीब 11 केंद्रों को चेक किया किसी प्रकार की कोई नकल नहीं पाई गईं।

संवेदनशील, विवादित केंद्रों पर नहीं गया ध्यान
बदायूं। बोर्ड परीक्षा का जायजा लेने के लिए पर्यवेक्षक जिले में जरूर दो दिन रुकीं, लेकिन संवेदनशील और विवादित केंद्रों पर फिर भी ध्यान नहीं दिया गया। इतना ही नहीं पिछले वर्ष नकल के लिए बदनाम रहे केंद्रों को भी देखने का समय नहीं मिला। इसके अलावा ककराला के संवेदनशील केंद्र को भी देखने की जहमत नहीं उठाई गई। जबकि यहां लगातार केंद्र पर दो दिन नकलची पकड़े गए। इसके अलावा बिल्सी तहसील के परीक्षा केंद्रों को भी नहीं देखा गया। यहां जबकि एसडीएम ने औचक छापेमारी कर सामूहिक नकल परिलक्षित होने का मामला तक पकड़ा। विभागीय सूत्रों की माने तो पर्यवेक्षक को विभागीय लोगों ने गुमराह भी किया।
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मचलई के दयानंद इंटर कॉलेज में पकड़ा नकलची
बदायूं। हाईस्कूल अंग्रेजी की परीक्षा में बुधवार को एक नकलची पकड़ा गया। केंद्र व्यवस्थापक ने अनुशासनात्मक कार्रवाई कर कॉपी को नत्थी कर दिया। बुधवार को दयानंद इंटर कॉलेज मचलई में एक नकलची छात्र को परीक्षा के दौरान आंतरिक सचल दल ने पकड़ लिया। उसके पास से नकल की सामग्री पाई गई। इसकी जानकारी कंट्रोल रूम में दर्ज करा दी गई। बता दें कि इस केंद्र पर नकल की आशंका के चलते अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापक भी लगाए गए थे।

कैसे पकड़े नकल... थकी गाड़ियों से दौड़ रहे सचल दल
बदायूं। नकल पकड़ने के लिए सचल दल तो बना दिए जाते हैं लेकिन हांफती गाड़ियां केंद्रों पर समय से पहुंचाने में नाकाम साबित रहती हैं। इतना ही नहीं इनकी गति भी ज्यादा नहीं होती। अगर तेज दौड़ा दिया जाए, तो गाड़ी कब बंद हो जाए यह भी नहीं बताया जा सकता है। थकी गाड़ियों से सचल दल दौड़ लगा रहे हैं।
परीक्षा पर निगाह रखने को पांच सचल दल बनाए गए हैं। इसमें एक सचल दल डीआईओएस कार्यालय की गाड़ी से चलता है। इसके अलावा एक प्राइवेट गाड़ी से तो एक सिंचाई विभाग की गाड़ी से सचल दल दौड़ लगाता है। जबकि एक बीएसए और डायट संस्थान की चलती  है। सचल दल में चल रहे लोगों की माने तो इनमें से तीन गाड़ियां बूढ़ी हो चुकी हैं। समय से नहीं पहुंच पाती हैं। इतना ही नहीं बीच की कुछ परीक्षाओं में यह खराब भी हो चुकी हैं।
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