फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अज्ञात नामों का खुलासा और नामजदों की गिरफ्तारी नहीं कर सकी पुलिस

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। सथरा गांव में हुए तिहरे हत्याकांड को चार दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक थाना पुलिस अज्ञात हत्यारोपियों का सुराग लगाना तो दूर नामजदों तक को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। दो हत्यारोपियों को जेल भेजने के बाद पुलिस ढीली पड़ गई है। इससे पुलिस के खुलासे पर भी सवाल उठने लगे हैं।
विज्ञापन

उसहैत के सथरा गांव में 31 अक्तूबर को सपा नेता व पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, उनकी मां शांति देवी और उनकी पत्नी शारदा गुप्ता की गोली मारकर उनके घर में ही हत्या कर दी गई थी। परिवार वालों ने जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, पुलिस ने उनमें दो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। दूसरे दिन उन्हें जेल भी भेज दिया गया, लेकिन इसके बाद पुलिस की चाल ढीली पड़ गई।
एफआईआर चार नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई गई है। नामजद आरोपियों ने एक रविंद्र दीक्षित का बेटा अर्चित दीक्षित है और दूसरा विक्रम उर्फ विक्की है। उनका अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। थाना पुलिस लगातार दावा कर रही है कि उन्हें तलाश किया जा रहा है लेकिन अभी तक उन्हें तलाशा नहीं जा सका है। हत्याकांड में शामिल दो अज्ञात लोग कौन थे, पुलिस उनका भी कुछ पता नहीं कर पाई है। वे हत्यारोपी अभी भी अज्ञात बने हुए हैं। एसओ अवधेश सेंगर ने बताया कि इसमें फरार आरोपियों को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उनका पता लगा लिया जाएगा।
विज्ञापन

मोमबत्ती जलाकर दी मृतकों को श्रद्धांजलि
बदायूं। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद एवं उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वाधान में पूर्व जिला पंचायत सदस्य राकेश गुप्ता, उनकी पत्नी और माता की गोली मारकर नृशंस हत्या के मामले में दिवंगतों की आत्मा की शांति के लिए भामाशाह चौक पर दो मिनट का मौन धारण कर और मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी। केबी गुप्ता, चंद्र प्रकाश गुप्ता, कृष्णदेव चाणक्य, राकेश रमन आर्य, ज्वाला प्रसाद गुप्ता, नरेश पाल, वीरेंद्र पाल गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें