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अघोषित बिजली कटौती से लोगों में हा-हाकार

Thu, 26 Mar 2015 12:16 AM IST
बदायूं।
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जिलेभर में बिजली कटौती बढ़ जाने से लोग परेशान हो उठे हैं। गर्मी के बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती लोगों का आक्रोश बढ़ा रही है। बिजली अधिकारियों से पूछो तो उनका एक ही जवाब होता है, कटौती ऊपर से हो रही है।
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तीन दिन से हो रही बेतहाशा कटौती
बिजली की अंधाधुंध कटौती हो रही है। पिछले तीन दिनों से इसकी हद ही हो गई। रात में 12 से सुबह चार बजे तक और फिर शाम छह बजे रात के 10 बजे तक बिजली नहीं मिल रही है। इसके अलावा चार घंटे बीच-बीच में कटौती हो रही है। बिजली का कोई शेड्यूल नहीं है। जिला मुख्यालय ही बदहाल है, तो गांव कस्बों का क्या हाल होगा? अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है।
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राजस्व तो बढ़ा, सप्लाई नहीं
बिजली विभाग ने पिछले दिनों बिजली चोरी पकड़ने और पुराने बिल वसूली के लिए लंबे अभियान चलाए। उस समय उपभोक्ताओं को बताया गया था कि बिजली तभी अच्छी मिल सकेगी जब वह अपने-अपने बकाया जमा करें। करोड़ों रुपया वसूला गया, लेकिन बिजली में कोई सुधार नहीं आया। इससे उपभोक्ता बेहद गुस्से में है।
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बिजली के आला अधिकारी भी बेखबर
बिजली के आला अधिकारी भी जानते हैं कि बिजली न होने पर उनकी क्या दशा होती है। उनके पास लोगों के फोन इतने आने लगते हैं कि वह रिसीव नहीं करते। रिसीव क्या करें, उन्हें खुद पता नहीं है कि बिजली की कटौती कितनी हो रही है। एक्सईएन ट्रांसमीशन भी बिजली अधिकारियों को कटौती की सूचना नहीं दे पा रहे हैं। हालत इतनी बुरी है कि बिजली की कब कटौती हो जाए कुछ पता नहीं।  
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क्या करें, वह चेयरमैन से बिजली कटौती के बारे में बात नहीं कर सकते। जनता के सवालों का जवाब उनके पास है नहीं। उनको भी बिजली कटौती के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जाती। वह जनता को क्या बताएं। जनता बिजली अधिकारियों से नाराज है। वह कर भी क्या सकते हैं।
- अनूप चंद्रा, अधीक्षण अभियंता
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उपचुनाव पर भी असर डालेगी कटौती
बदायूं। जिले में स्थानीय निकाय के उपचुनाव चल रहे हैं। शहरी लोगों को बिजली एक आवश्यक आवश्यकता बन गई है। ऐसे में बिजली कटौती होना सत्ता पक्ष के लिए हितकर नहीं है। जनता का आक्रोश बढ़ रहा है। भले ही लोग परेशानी को पी रहे हैं। वह इलेक्शन होने के नाते। भारी बिजली कटौती उप चुनाव पर पूरा असर दिखाएगी। इसके संकेत विरोधी पार्टियों द्वारा जनसंपर्क में मुद्दा बनाकर दिया जा रहा है। यही नहीं,  पिछली बार बिजली विभाग ने जो अभियान चलाकर उपभोक्ताओं से ज्यादतियां की हैं, उसका भी असर इस चुनाव पर हो सकता है।
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