बदायूं। जिले के छह वित्तविहीन स्कूल ऐसे हैं जिन्होंने एक भी बच्चे की अपार आईडी नहीं बनाई है। इन स्कूलों की मान्यता प्रत्याहरण का नोटिस शिक्षा विभाग ने दिया है। 39 स्कूल ऐसे हैं जो 30 फीसदी बच्चों की ही अपार आईडी बना सके हैं, ऐसे स्कूलों को काम में तेजी लाने को नोटिस भेजा गया है। 15 फरवरी तक अगर छह स्कूल अपार आईडी नहीं बना सके तो उनकी मान्यता समाप्त की कार्रवाई की जा सकती है।
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 305 स्कूल हैं। इसमें जिले के 39 राजकीय इंटर कॉलेज, 41 सहायता प्राप्त विद्यालय और 225 वित्तविहीन विद्यालय शामिल हैं। राजकीय स्कूलों में 9,916 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें से 8,176 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनी है। यहां 1665 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनना शेष है।
साथ ही अशासकीय स्कूलों में 43,393 बच्चे हैं, जिसमें से 34,446 बच्चों की आईडी बनाई गई है। यहां 8,531 बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी है। सबसे खराब स्थिति वित्तविहीन स्कूलों की है। यहां 1,21,061 बच्चे पंजीकृत हैं। मात्र 42,799 बच्चों की ही अपार आईडी बन सकी है। 76 हजार से अधिक बच्चों की अपार आईडी बननी बाकी हैं।
जिले के छह वित्तविहीन स्कूल ऐसे हैं जो एक भी बच्चे की आईडी नहीं बना सके हैं। इस स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों को नोटिस जारी कर 15 फरवरी तक शतप्रतिशत आईडी बनाने को कहा गया है। न बनाने पर मान्यता समाप्त करने की चेतावनी दी गई है। 39 स्कूल ऐसे हैं जहां 30 फीसदी से कम बच्चों की आईडी ही बना सके हैं। इनको काम में तेजी लाकर सभी बच्चों की अपार आईडी बनाने को नोटिस दिया गया है।
इससे ऊपर अपार आईडी बनाने वाले स्कूलों को भी शतप्रतिशत आईडी बनाने को कहा गया है। नवंबर 2024 से शुरू हुई इस प्रक्रिया में तीन महीने बीत जाने के बाद केवल 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है।
अपार आईडी रोकेगी फर्जीवाड़ा
अपार आईडी में छात्रों का नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, पूरा पता, आधार नंबर, स्कूल का नाम, यू-डायस कोड, कक्षा, गांव का नाम, तहसील, एसआर नंबर सहित अन्य सभी जानकारियां होंगी। विद्यार्थियों को एक यूनिक आईडी नंबर मिलेगा, जिसे पोर्टल पर डालने के बाद उनकी पूरी कुंडली खुल जाएगी। यह आईडी जीवन भर छात्र के काम आएगी। नौकरियों में इंटर तक का सत्यापन छात्र का पोर्टल पर ही कर लिया जाएगा।
वित्तविहीन स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंध समिति अपार आईडी को लेकर संजीदा नहीं दिख रहे। समय के अनुसार शासन की मंशानुसार कार्य न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 15 फरवरी तक का समय स्कूलों को दिया गया है। -डॉ. प्रवेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक