सिद्धार्थ गुप्ता को बधाई देते उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी। स्रोत: परिवार
उझानी। कस्बे के सिद्धार्थ गुप्ता उत्तराखंड क्रिकेट प्रीमियर लीग में चमक उठे हैं। उन्होंने हार की दहलीज पर खड़ी अपनी टीम को उस वक्त मजबूती प्रदान की, जब साथी बल्लेबाज संग उनके ऊपर 11 गेंद में 20 रन जुटाने का जिम्मा था। सिद्धार्थ ने पांच गेंद का सामना किया और 15 रन बनाकर टीम की झोली में ट्रॉफी पहुंचा दी। जिसकी मदद से टीम ने जीत का स्वाद चखा।
होनहार क्रिकेटर सिद्धार्थ गुप्ता नझियाई मोहल्ले के निवासी राजीव गुप्ता उर्फ पिंकी के बेटे हैं। दो दिन पहले देहरादून में समाप्त हुई उत्तराखंड प्रीमियर लीग में सिद्धार्थ हरिद्वार की टीम से खेल रहे थे। हालांकि वह चंपावत की ओर से क्रिकेट खेलते हैं, लेकिन प्रीमियर लीग में उनका चयन हरिद्वार की टीम में हुआ था। टी- 20 के फाइनल मुकाबले के साक्षी उनके पिता पिंकी कहते हैं कि नैनीताल की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए छह विकेट पर 148 रन बनाए थे।
जवाब में हरिद्वार के छह बल्लेबाज लक्ष्य से 20 रन पहले ही आउट हो गए। सिद्धार्थ ने पहली गेंद पर छक्का जड़ दिया। उन्होंने पांच गेंद का सामना किया और दो छक्कों की मदद से टीम के हिस्से में 15 रन जोड़ दिए। इससे टीम जीत गई। नाबाद सिद्धार्थ के हौसले की उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्रॉफी भेंट करते समय तारीफ भी की। उन्होंने प्रीमियर लीग में पांच मैच खेले और 10 विकेट भी उनके खाते में आए। बता दें कि सिद्धार्थ उत्तराखंड की अंडर- 19 टीम में शामिल होकर कर्नाटक में आयोजित टूर्नामेंट में भी हिस्सा ले चुके हैं। बल्लेबाजी करने का उनका स्टाइल क्रिकेटर हार्दिक पांड्या की तरह है।
ऑलराउंडर सिद्धार्थ के घर में खुशी का माहौल
- होनहार खिलाड़ी सिद्धार्थ के पिता राजीव गुप्ता उर्फ पिंकी की रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। सिद्धार्थ अभी देहरादून में हैं। मैच देखने के बाद घर लौटे पिंकी ने बेटे की उपलब्धि के बारे में परिजनों को बताया तो सभी खुशी से झूम उठे। मां सीमा गुप्ता ने उनका मुंह मीठा कराया। सिद्धार्थ के बड़े भाई संस्कार ने वीडियो कॉल कर परिजनों की खुशी में चार चांद लगा दिए। सिद्धार्थ के चाचा राजकमल गुप्ता ने बताया कि वह दिन दूर नहीं, जब उनका भतीजा परिवार के साथ देश का नाम रोशन करेगा।