उझानी। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से चल रहे छह लेन बाइपास के निर्माण के दौरान मिट्टी भराई से उझानी- सकरी जंगल रोड बंद होता देख ग्रामीणों का गुस्सा फूट गया। चार- पांच गांव के प्रधानों के साथ मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी ट्रैक्टर- ट्रॉलियों को निर्माण स्थल पर खड़े करके मजदूरों को काम करने नहीं दिया। काफी देर तक हंगामा चला।
छह लेन बाइपास का निर्माण कार्य करीब दो महीना पहले शुरू हुआ था। छतुइया के पास गंगोरा मोड़ के करीब तक बाइपास बनाया जा रहा है। इसके लिए कादरचौक रोड से आगे बढ़कर मिट्टी भराई का काम दो दिन से तेज हो हुआ है। इससे उझानी- सकरी जंगल रोड बंद हो गया। सोमवार शाम इलाके के लोगों को इसकी भनक लगी। इसलिए इलाके के आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोग मंगलवार सुबह ट्रैक्टर- ट्रॉलियों से बाइपास की ओर कूच कर दिया। ट्रैक्टर- ट्रॉलियों को निर्माणाधीन बाइपास पर खड़ा कर मजूदरों को काम नहीं करने दिया।
एनएचएआई के डंपर और रोलर मशीनों को भी रोक दिया गया। कार्यदायी संस्था के कर्मचारियों के सामने ही ग्रामीणों ने नारेबाजी की। काफी देर तक हंगामा होता रहा। करीब तीन घंटे बाद एनएचएआई के दो अफसर मौके पर पहुंचे। उन्होंने भी ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। प्रधान प्रदीप चौहान, पोपसिह, सुरेश पाल, अमन गुप्ता, रामप्रवेश यादव, रिजवान अहमद, पप्पू यादव, सुरेश शर्मा, राकेश मथुरिया, संदेश यादव आदि ने अफसरों से बात की। दोपहर में रामप्रवेश यादव और प्रदीप चौहान ने बताया कि एनएचएआई के अफसरों ने उन्हें उझानी- सकरीजंगल और वनगवां रोड को बंद नहीं करने का भरोसा दिलाया है। इसके बाद सड़क पर से मिट्टी हटाने का काम भी शुरू करने का दावा किया गया है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक उत्कर्ष शर्मा ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है।
उझानी- सकरी जंगल रोड से जुड़े हैं आधा दर्जन गांव
- निर्माणाधीन बाइपास पर ट्रैक्टर- ट्रॉलियां खड़ी करके प्रदर्शन करते मिले ग्रामीणों में राजपाल और हरी ओम ने बताया कि सकरी जंगल, अहीरवारा, तेहरा, बेनीनगला, वनगवां आदि आधा दर्जन गांवों की करीब 70 हजार आबादी की आवाजाही इसी रोड से है। रोड बंद किए जाने से इलाके के लोगों को दो-तीन किलोमीटर अधिक दूरी तय करके अन्य रास्तों से आना- जाना पड़ेगा। अढ़ौली के जिन किसानों की कृषि योग्य भूमि बाइपास की दूसरी तरफ है, उन्हें तो सबसे ज्यादा दिक्कत होगी।
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उझानी में बाइपास निर्माण के दौरान सकरीजंगल रोड बंद कर देने पर प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद