फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिरकार पुलिस ने माना-दुष्कर्म के बाद हुई थी महिला की हत्या

विज्ञापन
विज्ञापन
बदायूं। उघैती के दुष्कर्म और हत्याकांड के मामले में आखिरकार पुलिस ने दुष्कर्म और हत्या की बात स्वीकार कर ली। जबकि घटना के बाद पुलिस स्पष्ट तो नहीं कहा। लेकिन घटना को हादसा बताने का कोशिश में लगी रही।
विज्ञापन

दुष्कर्म के बाद महिला की हत्या का मामला तीन जनवरी की रात का है। उस दिन शाम को महिला पड़ोसी गांव के धर्मस्थल पर पूजा करने गई थी। रात करीब साढ़े 11 बजे धर्मस्थल का पुजारी सत्यनारायण दास वेदराम और जसपाल महिला को लेकर उसके घर पहुंचे थे। वे महिला को घर के बाहर छोड़कर भाग गए थे। परिवार ने उसी समय पुलिस को सूचना दी थी। दूसरे दिन परिजन स्वयं थाने गए। इसके बावजूद पुलिस कहती रही कि महिला पुजारी से मिलने गई थी। वह कोठरी में घुसी और कुएं में गिर गई।
चार जनवरी की शाम तक मामले को दबाने की कोशिश होती रही। जब परिवार ने यूपी 112 पर सूचना दी, तब पुलिस को उसके शव का पोस्टमार्टम कराना पड़ा। तीसरे दिन शव का पोस्टमार्टम कराया गया। जब अधिकारियों को पता चला कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म व प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोट लगने की पुष्टि हुई है तो हड़कंप मच गया। फिर भी अधिकारियों ने बयान दिया कि महिला की मौत कुएं में गिरने से हुई है। उसके साथ दुष्कर्म हुआ या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं की।
विज्ञापन

छह जनवरी से इलाके में ऐसा हड़कंप मचा कि मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया। कई बड़े अधिकारी आए। सब यही बताते रहे कि मामला संदिग्ध है। उसकी जांच कराई जा रही है। जब न्यायालय में इसकी चार्जशीट दाखिल हुई तो पुलिस के बयानों की पोल खुल गई। पुलिस ने ये भी मान लिया कि महिला के साथ पुजारी ने दुष्कर्म किया था। उसकी कुएं में धकेलकर हत्या की गई थी। जबकि वेदराम और जसपाल उसके सहयोगी रहे।
मरने से पूर्व बयान दे चुकी थी महिला, डॉक्टर भी फंसेंगे
जिस समय महिला घायल अवस्था में घर पहुंचाई गई थी, उस समय से लेकर उसके मरने के दौरान तक पुलिस मौजूद नहीं थी। महिला ने सिर्फ अपने परिवार से कहा था कि उसके साथ दुष्कर्म हुआ है और कुएं में धकेला गया था। शुरुआत में पुलिस परिवार के बयानों पर संदेह जता रही थी लेकिन जब पुलिस ने चंदौसी के चिकित्सकों के बयान लिए तो ये बात निकलकर आई कि महिला ने निजी अस्पताल में भी अपने साथ हुए यौन शोषण के बारे में बताया था। दुष्कर्म और हत्याकांड के मामले में चंदौसी के चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस ने एक तरफ उनके बयानों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है, तो वहीं पुलिस को सूचना न देने और महिला का इलाज न करने के आरोप में उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
परिवार को मिलेंगे दस लाख रुपये
- उघैती कांड को लेकर तमाम तरह की चर्चाएं हो रहीं थीं। परिवार को आशंका थी कि पुलिस इस मामले में कुछ भी कर सकती है। इसका सीधा असर उनको मिलने वाली आर्थिक सहायता पर पड़ेगा। उन्हें डर था कि पुलिस ने दुष्कर्म नहीं माना तो उन्हें सहायता राशि नहीं मिलेगी। इससे उन्होंने कुछ अधिकारियों से संपर्क भी किया था। हालांकि उन्होंने आश्वासन दिया था कि ये रुपया चार्जशीट दाखिल होने के बाद मिलेगा। अब चार्जशीट दाखिल हो गई है। इससे परिवार को आर्थिक मदद की उम्मीद और बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें