बदायूं। स्वयं सहायता समूह की आय बढ़ाने में उद्यम सखियां अहम भूमिका निभाएंगी। जिले में 230 महिला उद्यम सखियां बनाई जा रही हैं। इनमें से तीन सखियों का लखनऊ में प्रशिक्षण कराया जा चुका है। शेष 227 सखियों को आरआरडी आसफपुर में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
डीसी एनआरएलएम रवि प्रकाश ने बताया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाना और उन्हें ऑनलाइन व्यापार के गुर सिखाना है। उद्यम सखियों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पादों की पैकेजिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि उद्यम सखियां गांव-गांव जाकर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की ओर से बनाए गए उत्पादों जैसे अचार, पापड़, मसाले, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प आदि को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचने में मदद करेंगी। इससे महिलाओं की आय में वृद्धि होगी और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार मिलेगा। प्रशिक्षण के बाद उद्यम सखियां अपने-अपने ब्लॉक में समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित करेंगी और उन्हें उद्यम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेंगी।
इसके लिए उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे मुद्रा लोन, स्टार्टअप योजना आदि की जानकारी भी दी जाएगी। योजना के तहत प्रत्येक विकास खंड से लगभग 15 से 20 महिलाओं का चयन किया गया है। चयनित महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में विशेषज्ञों की ओर से ऑनलाइन व्यापार के साथ-साथ ग्राहकों से संवाद, ऑर्डर प्रबंधन और उत्पाद की गुणवत्ता बनाए रखने के टिप्स भी दिए जाएंगे।
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उद्यम सखी योजना से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी। इसके लिए उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं जैसे मुद्रा लोन, स्टार्टअप योजना आदि की जानकारी भी दी जाएगी। - रवि प्रकाश सिंह, डीसी एनआरएलएम