रुपये निकालने के दौरान हंगामा, भगदड़, दो घायल
पुराने पांच सौ और हजार के नोट बदलने और जमा करने वालों की मुसीबत तीसरे दिन भी कम नहीं हुई, बल्कि बीते दो दिनों से अधिक भीड़ बैंकों के बाहर लाइन लगाए नजर आई। इससे सहसवान में भगदड़ होने से वहां पर दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि शहर सहित जिले भर की बैंकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस को लाइन लगाने में कड़ी मशक्कत का सामना करना पड़ा। रुपये निकालने वालों को सुबह से लेकर शाम तक जूझना पड़ा। अधिकांश बैंकों में रुपये खत्म होने के बाद केवल जमा कराए गए।
शहर में पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और एसबीआई समेत चंद बैंकों को छोड़कर अन्य बैंक शाखाओं में केवल रुपये जमा किए गए। इंडियन बैंक, विजया बैंक, सिंडीकेट बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक समेत अन्य तमाम बैंकों में रुपये एक्सचेंज नहीं किए गए। बावजूद इसके इन बैंकों में रुपये जमा करने वालों की भारी भीड़ लगी रही। लोग बैंकों के बाहर जमे रहे। कई बार तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। वहीं, अधिकांश बैंक शाखाओं वाली सड़कों पर भारी वाहनों को दूसरे रास्तों से गुजारा गया। इससे जिले भर में जमकर हंगामा होता रहा, जिसे नियंत्रित करने में पुलिस के पसीने छूट गए।
सहसवान में एसबीआई की मुख्य शाखा के सामने रुपये के बदलने और जमा करने के लिए सैकड़ों की भीड़ में अचानक भगदड़ मचने से दो महिलाएं दबकर घायल हो गईं। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। एसबीआई मुख्य शाखा पर सुबह आठ बजे से ही नोटों के बदलने और जमा करने के लिए भीड़ जमा हो गई थी। करीब 11 बजे लाइन लगाने को लेकर भगदड़ मच गई। इसमें दबकर मुकीम बेगम (60) सगीरउद्दीन मोहल्ला चौधरी और रिहाना (35) वर्ष पत्नी शकील निवासी भवानीपुर खल्ली घायल हो गई। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
बिल्सी। नगर में स्थित बैंक शाखाओं में पुराने पांच सौ एवं एक हजार के नोट बदलने वालों की भीड़ तड़के ही लग जाती है। रुपये न होने से कृषि उत्पादन मंडी समिति में गल्ला खरीद का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने अनाज खरीद ठप कर दी है। किसान का अनाज फड़िया दुकानदार सस्ते दामों पर खरीदने को मजबूर हैं। उसावां में चौथे दिन भी कस्बे की दोनों बैंकों में भारी भीड़ रही। रुपये बदलने वालों की लाइन लगवाने में पुलिस को कडी़ मशक्कत करनी पड़ी। वहीं, कई घंटे लाइन में लगने के बावजूद तमाम लोग बगैर नोट बदले ही लौटने को मजबूर हो गए।