किसानों का बकाया गन्ना भुगतान न करने वाली चीनी मिलों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई हो सकती है। गन्ना विभाग ने मिलों को नोटिस जारी कर 15 जुलाई तक किसानों का शत-प्रतिशत भुगतान करने की चेतावनी दी है। हाईकोर्ट ने भी आदेश दिया है कि चीनी मिलें 15 जुलाई तक किसानों को पेराई सत्र 2014-15 का शत प्रतिशत भुगतान कर दें। बदायूं के गन्ना किसानों का आठ चीनी मिलों पर 107 करोड़ रुपया बाकी है। मिलें भुगतान में आनाकानी कर रही हैं।
जिले के गन्ना किसान सहकारी क्षेत्र की शेखूपुर चीनी मिल समेत निजी क्षेत्र की सात चीनी मिलों को गन्ना देते हैं। गन्ना पेराई कर चीनी बनाने के बाद मिलें किसानों को भुगतान नहीं कर रही हैं। निजी क्षेत्र की यदु शुगर मिल पर बदायूं के गन्ना किसानों का 37.85 और रजपुरा की डीएसएम मिल पर किसानों का 35.76 करोड़ रुपया बाकी है। यदु शुगर मिल का चीनी का कोटा भी जब्त किया जा चुका है। इसके बाद भी मिल भुगतान नहीं कर रही है। किसानों की स्थिति बदतर हो रही है। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने मिलों को आदेश दिया था कि 15 जुलाई तक किसानों की देनदारियों को निपटा दिया जाए। इसके बाद भी मिलों ने भुगतान की सुध नहीं ली है। कोर्ट के आदेश का पालन होने में अब चार दिन ही बचे हैं। ऐसे में गन्ना विभाग और गन्ना सहकारी संघ ने मिलों को नोटिस जारी कर भुगतान करने को कहा है। चेतावनी दी है कि भुगतान न करने वाली मिलों के खिलाफ आरसी के साथ कुर्की की कार्रवाई होगी।
गन्ना विभाग और गन्ना सहकारी संघ ने सहकारी क्षेत्र की शेखूपुर चीनी मिल समेत, बिसौली की यदु शुगर मिल, रजपुरा की डीएसएम शुगर मिल, न्योली शुगर मिल, करीमंगज, फरीदपुर, मीरगंज और रूपापुर शुगर मिल को नोटिस जारी किए हैं। शेखूपुर, रजपुरा और बिसौली चीनी मिल पर किसानों का 91.77 करोड़ रुपया बाकी है। सबसे ज्यादा बिसौली की यदु शुगर मिल पर 37.85 करोड़ रुपये की देनदारी है। रजपुरा की डीएसएम मिल पर 35.76 और सहकारी क्षेत्र की शेखूपुर चीनी मिल पर 18.15 करोड़ रुपये की देनदारी है।
बिसौली और रजपुरा चीनी मिल पर किसानों का सबसे ज्यादा बाकी है। दोनों को कुर्की नोटिस दिया गया है। बाकी पांच मिलों को भी नोटिस जारी कर दिया गया है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि 15 जुलाई तक शत-प्रतिशत भुगतान हो जाना चाहिए। कोर्ट के आदेश का पालन न करने वाली मिलों के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
-रामकिशन, सचिव सहकारी गन्ना संघ