इस्लामनगर (बदायूं)। इस्लामनगर थाना क्षेत्र के बिजनौर मार्ग पर कुंदावली भट्टे के पास रविवार देर शाम सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा उस समय हुआ जब दो बाइकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। दोनों बाइकों पर कुल सात लोग सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसे के समय बाइक सवार हेलमेट नहीं पहने हुए थे।
जानकारी के अनुसार, एक बुलेट पर चार युवक सवार थे। इनमें देवा पुत्र सैलू (25 वर्ष) निवासी गोशाला रोड, जिला हाथरस की मौके पर मौत हो गई, जबकि दीपक पुत्र राजू (28 वर्ष), शिवदीप पुत्र रूपेश (30 वर्ष), दोनों निवासी सिकुर्रा, इगलास, जिला अलीगढ़, और मनीष पुत्र अर्जुन सिंह, निवासी चौबा का नगला, हाथरस, गंभीर रूप से घायल हो गए।
दूसरी बाइक पर तीन लोग सवार थे। इनमें शमशाद पुत्र बल्ले खां (55 वर्ष) निवासी ग्राम महरौला थाना इस्लामनगर, की हादसे में मौत हो गई, जबकि सत्यनारायण पुत्र राम भरोसे (30 वर्ष) निवासी महरौला और फहीम पुत्र सिकंदर, निवासी मोहल्ला तकिया, इस्लामनगर, घायल हो गए।
हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों को एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रुदायन पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने देवा और शमशाद को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य पांच घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। थाना प्रभारी नरेश कुमार ने बताया कि हादसे में दो लोगों की मौत हुई है। पुलिस आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
हाथरस के गोशाला रोड निवासी देवा अपने रिश्तेदार की बेटी की शादी में शामिल होने के लिए उघैती क्षेत्र के गोपालपुर जा रहे थे। बरात पहुंचने से पहले देवा कुछ जरूरी सामान लेने के लिए बाइक से इस्लामनगर आए थे। वह अपनी बुलेट बाइक पर तीन दोस्तों दीपक पुत्र राजकुमार, शिवदीप दोनों निवासी सिकुर्रा, इगलास, अलीगढ़, और मनीष निवासी चौबा का नगला, हाथरस के साथ सवार थे। यानी एक ही बाइक पर चार युवक बैठे थे। हादसे में मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। परिजन रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे।
यातायात नियमों का नहीं कर रहे पालन
जिले में यातायात नियमों का पालन बिल्कुल नहीं हो रहा है। इसी का नतीजा है कि एक बाइक पर तीन से चार लोग सवार होकर चल रहे हैं। यही नहीं लोग हेलमेट का भी प्रयोग नहीं करते है। इसका खामियाजा लोगों को हादसे में अपनी जान गंवाकर भुगतना पड़ रहा है।
हादसे में घायल का अस्पताल में इलाज करते चिकित्सक। स्रोत- ग्रामीण