बदायूं। उपचार न मिलने के चलते महिला अस्पताल के एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बॉर्न केयर यूनिट) में शुक्रवार को दो नवजात की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि यहां सिर्फ एक डॉक्टर की तैनाती है, वह भी पिछले दो दिनों से आए नहीं हैं। लापरवाही का आरोप लगाते हुए जब उन्होंने हंगामा शुरू किया तो सीएमएस मौके पर पहुंचे। जांच का आश्वासन देकर उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव मझिया निवासी प्रदीप ने प्रसव पीड़ा होने पर पत्नी मनीषा देवी को 28 मई को महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां ऑपरेशन से मनीषा ने बेटी को जन्म दिया। परिजनों का आरोप है कि पहले तो प्रसव के नाम पर उनसे पांच हजार रुपये ले लिए गए। इसके बाद बच्ची को कमजोर बताकर एसएनसीयू में भर्ती करने के लिए कहा गया।
यहां बेड खाली नहीं था। मिन्नतों के बाद बच्ची को भर्ती किया गया तो उसे देखने के लिए कोई डॉक्टर नहीं आया। शुक्रवार सुबह बच्ची ने दम तोड़ दिया। वहीं, कासगंज के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के गांव बहोरा निवासी कमल कुमार का बेटा 25 मई से यहां भर्ती था। परिजनों ने बताया कि वार्ड में डॉक्टर कब आते थे और कब जाते थे इसका पता ही नहीं चलता।
बच्चे को दूध पिलाने के समय ही अंदर बुलाया जाता। शुक्रवार की सुबह दस बजे उसने भी दम तोड़ दिया। एक ही दिन में दो बच्चों की मौत के बाद परिजन एसएनसीयू में हंगामा करने लगे। मौके पर पहुंचे सीएमएस डॉ. इंदुकांत वर्मा ने लोगों को आश्वासन दिया कि जांच कराकर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद वह शांत हुए।