बदायूं। अब शहर के लगभग हर चौराहे पर सीसी कैमरों की नजर रहेगी। जिले में पहले से ही पुलिस ने गली मोहल्लों में कैमरे लगवाए थे। यातायात विभाग ने भी पुलिस लाइन चौराहे, लावेला चौराहे, इंद्राचौक, दातागंज तिराहे, नवादा चौराहे समेत शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर भी वायस रिकार्डिंग सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, इसके बाद डीएम चौराहे समेत प्रमुख चौराहों पर सीसी कैमरे लगाए जाने हैं।
सरकार ने ट्रैफिक मैनेजमेंट और रोड सेफ्टी को बेहतर बनाने के लिए जिले के दो बड़े चौराहों व एक तिराहे पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के लिए नौ लाख रुपये की धनराशि आवंटित की है।
यह प्रोजेक्ट उन जिलों में लागू किया गया है जो मौजूदा स्मार्ट सिटी और इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम के तहत कवर नहीं होते हैं, इसका उद्देश्य ट्रैफिक रेगुलेशन, सर्विलांस और रोड सेफ्टी नॉर्म्स को लागू करने को मजबूत करना है।
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हर जगह पर पांच कैमरे होंगे
शहर के दो बड़े चौराहों व एक तिराहे पर यह कैमरे लगाए जाने हैं। हर जगह पर पांच कैमरे होंगे। इसी के साथ टी-जंक्शन, ट्राई-जंक्शन और चौड़े जंक्शन पर कैमरे लगाए जाएंगे, हर साइट पर चार कैमरे होंगे। कुल मिलाकर यह चौराहे से बड़ी जगहों को कवर करेंगे। कैमरे, पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे, नेटवर्क वीडियो रिकॉर्डर, पीओई स्विच, जंक्शन बॉक्स, यूपीएस सिस्टम, एक साल की इंटरनेट कनेक्टिविटी, केबलिंग, फिटिंग वाले पोल और इंस्टॉलेशन का खर्च शामिल है।
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यातायात विभाग कराएगा काम
यातायात विभाग को यह काम सौंपा गया है। बताया गया है कि दूसरी स्कीमों के तहत प्रोजेक्ट्स के साथ कोई ओवरलैप न हो और खरीदारी मंजूर बजट के अंदर ही रहे। इंस्टॉलेशन का काम 31 मार्च 2026 तक पूरा करना होगा।
पालिका व पुलिस ने पहले लगवाए थे कैमरे
शहर में पुलिस ने अभियान चलवाकर प्रत्येक दुकान पर सीसीटीवी कैमरे लगवाने का काम किया था। इन कैमरों की मदद से शहर में हुई कई बढ़ी घटनाओं को खोलने में पुलिस को मदद मिली। इससे घटना का खुलासा जल्द हुआ और सही अपराधी जेल जा सके। इसी के साथ ही पालिका ने भी शहर में कैमरे लगवाने का काम किया था। यातायात विभाग ने पहले नौ चौराहों को तीसरी आंख से लैस किया था। लेकिन शासन से धनराशि मिलने के बाद अब फिर दो चौराहे व एक तिराहे पर कैमरे लगाने का काम होगा।
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कोट-
यह प्रोजेक्ट ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन, दुर्घटना वाले हिस्सों और भीड़भाड़ वाली जगहों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग में मदद करेगा, इस बढ़े हुए सर्विलांस नेटवर्क का उद्देश्य शहरी और सेमी-अर्बन जिलों में नियमों को लागू करने और ट्रैफिक अनुशासन को बेहतर बनाना है।
-विजयेंद्र द्विवेदी, एसपी सिटी
इस तरह से की जा रही है तीसरी आंख से चौराहों की निगरानी। संवाद