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सालारपुर और जगत में बुखार से दो की मौत

Mon, 28 Aug 2017 06:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो,बदायूं
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Flu victim
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एक महीना बीतने को है, लेकिन जिले में बुखार से हो रहीं मौतों पर रोक नहीं लग रही है।। चौबीस घंटे में फिर से जगत और सालारपुर ब्लॉक के दो गांवों में बुखार ने दो बच्चों की जान ले ली। इन गांवों में दर्जनों लोग बीमार हैं। लोग झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। गंदगी की वजह से इन गांवों में बीमारियों का प्रकोप है। बजट होने के बाद भी ग्राम सभाओं ने गांवों में कीटनाशक का छिड़काव नहीं कराया।  
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कुंवरगांव। सालारपुर ब्लॉक के गांव भैंसामई में बुखार का प्रकोप चार दिन पहले शुरू हुआ था। सत्यपाल के 11 वर्षीय बेटे अजयपाल को बुखार ने गिरफ्त में ले लिया। परिवार वाले अजयपाल का गांव में ही इलाज करा रहे थे। इलाज के दौरान रविवार रात अजयपाल की मौत हो गई। गांव की प्रधान मांगो देवी (60) पत्नी चंद्र लाल समेत शायरा (65) पत्नी लालता,  पुष्पा देवी (36) पत्नी अनोखे, रामौतार (28) पुत्र रामदास, रामवती (44) पत्नी ऊदल, राजवती (28) पत्नी महेंद्र, रोसा देवी (3) पुत्री ओमवीर, विजयश्री (25) पत्नी ओमवीर, आत्माराम (55) पुत्र कल्यान, ओम कुमारी (16) पुत्री चंद्रपाल, सर्वेश (21) पत्नी प्रेमचंद्र, धीर सिंह (25) पुत्र आत्माराम, टीकाराम (44) पुत्र पृथ्वी सिंह, रामादेवी (50) पत्नी आत्माराम, कन्यावती (13) पुत्री रमेश, बृजेश (11) पुत्र जसपाल, अनोखे लाल (55), हंशराज (56) समेत दो दर्जन लोग बुखार की गिरफ्त में हैं।
मूसाझाग। जगत ब्लॉक के गांवों में बुखार का सबसे ज्यादा प्रकोप है। यहां सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं। क्षेत्र के गांव हथिनी भूड़ में भी बुखार का प्रकोप है। गांव के बबलू की 10 वर्षीय बेटी सरस्वती को तीन दिन से बुखार आ रहा था। बबलू मौसमपुर गांव में बैठने वाले एक झोलाछाप से सरस्वती का इलाज करा रहे थे। सोमवार को सरस्वती की मौत हो गई। इस गांव में भी कई लोग बुखार की चपेट में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि गंदगी की वजह से बीमारियां फैल रही हैं।
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