मूसाझाग थाने के गांव कालाकूंढ़ा में विषाक्त भोजन से एक परिवार के दो बच्चों की मौत हो गई। उनके माता-पिता की भी गंभीर है, जिन्हें बिनावर के एक निजी डॉक्टर के यहां भर्ती कराया गया है। समरेर पीएचसी के डॉ. डालचंद्र और सीओ उझानी सतीश शर्मा ने गांव पहुंच कर घटना की जानकारी ली। दोनों बच्चों के शव पोस्टमार्टम को भेजे गए हैं।
मूसाझाग थाने के गांव कालाकूंढ़ा निवासी वीरेश (35) के घर पर शनिवार शाम उनकी पत्नी सुखदेवी (32) ने घर में खाना बनाया। पति-पत्नी समेत उनके बच्चों में राजू (12) सरोजनी (08), रितु (06), राजीव (04), विपिन (02) ने खाना खाया और दूध पिया। इसके बाद वीरेश, सुखदेवी, राजू और सरोजनी की हालत बिगड़ गई। रितु, विपिन और राजीव ने खाना नहीं खाया था केवल दूध पिया था। खाना खाने के बाद परिवार के सभी लोग सो गए। रात में ही वीरेश, सुखदेवी, राजू और सरोजनी की हालत बिगड़ गई। यह सभी बेहोश हो गए। इसके बारे में किसी को पता नहीं लगा। रात भर वीरेश के घर का दरवाजा खुला रहा और रात में घर में दीपक भी नहीं जला। आसपास के लोगों को शक हुआ। रविवार सुबह पड़ोसियों ने वीरेश का दरवाजा खुला देखा तो अंदर गए। वीरेश, उनकी पत्नी सुखदेवी, पुत्र राजू और पुत्री सरोजनी बेहोश पड़े थे। पड़ोसियों ने प्रधान सत्यवीर सिंह को खबर दी। इसके बाद सबको इलाज के लिए बिनावर लाया जा रहा था। रास्ते में राजू और सरोजनी की मौत हो गई। वीरेश और सुखदेवी को अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों को देर शाम होश आया। दोनों को देर शाम तक दो बच्चों की मौत के बारे में जानकारी नहीं दी गई थी।