चार दिन पहले आया था तेज बुखार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी होरीलाल के 20 वर्षीय पुत्र मोरपाल और 18 वर्षीय पुत्र ब्रजेश को करीब चार दिन पहले अचानक तेज बुखार आया था। परिजनों ने बताया कि बुखार के साथ दोनों भाइयों को अत्यधिक कमजोरी और उल्टी की शिकायत भी थी। स्थानीय स्तर पर दोनों का उपचार कराया गया, लेकिन स्वास्थ्य में सुधार होने के बजाय हालत लगातार बिगड़ती चली गई और अंततः दोनों दम तोड़ दिया। जवान बेटों की मौत से पीड़ित परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
गांव में मेडिकल कैंप और सर्वे शुरू
ग्रामीणों के मुताबिक, गांव में संक्रमण का असर काफी गहरा है और वर्तमान में कई अन्य लोग भी इस रहस्यमयी बुखार की चपेट में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने गांव में तुरंत मेडिकल कैंप (शिविर) लगाने और घर-घर जाकर सर्वे करने के कड़े निर्देश दिए हैं। दहगवां स्वास्थ्य केंद्र की एक विशेष टीम सुबह से ही गांव में डेरा डाले हुए है और बीमार ग्रामीणों की खून की जांच व इलाज में जुटी है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
स्वास्थ्य अधिकारियों ने ग्रामीणों से पैनिक न होने की अपील करते हुए कुछ जरूरी सावधानियां बरतने को कहा है।
तुरंत जांच: बुखार या कोई भी लक्षण दिखने पर झाड़-फूंक या झोलाछाप डॉक्टरों के चक्कर में पड़ने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाएं।
साफ-सफाई और पानी: संक्रमण से बचाव के लिए पानी को हमेशा उबालकर पिएं और घरों के आसपास जलभराव न होने दें।
फिलहाल, स्वास्थ्य टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि इस संक्रमण को और फैलने से रोका जा सके।