बदायूं। दो केंद्रों पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कीर्ति शास्त्री और ममता रानी को पोषणाहार में गबन करने के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। दोनों पर आरोप है कि लगातार चेहरा प्रमाणीकरण प्रणाली के आधार पर पोषाहार का वितरण नहीं कर रहीं थीं। केंद्र भी नियमित नहीं खोला जा रहा था। टीकाकरण भी नहीं कराया। वहीं अन्य पांच को नोटिस जारी किया गया है।
जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि सीडीओ ब्लॉक सालारपुर में खंड विकास अधिकारी ने जांच की। जांच में पाया गया कि गांव हसनपुर में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कीर्ति शास्त्री और गांव फकीराबाद में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ममता रानी पोषाहार का वितरण नहीं कर रहीं हैं। वह अपने गांव में निवास न करके बदायूं शहर में रह रहीं हैं।
वर्ष 2019 के बाद आज तक लाभार्थियों का सही सर्वे नहीं किया। न ही बच्चों, गर्भवती, धात्री का टीकाकरण हुआ। पोषाहार वितरण चेहरा प्रमाणीकरण व्यवस्था के अनुसार नहीं किया। जांच में यह भी पाया गया कि अक्तूबर 2025 में 179 लाभार्थियों में से मात्र 51 लाभार्थियों को पोषाहार का वितरण किया गया, जबकि मौके पर पोषाहार रक्षित नहीं मिला।
कीर्ति शास्त्री ने 19 अक्तूबर 2025 में 194 लाभार्थियों के सापेक्ष 45 को वितरण किया गया। बावजूद इसके बाकी पोषाहार नहीं मिला, जो गबन की श्रेणी में आता है।
इसके आधार पर दोनों को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा चेहरा प्रमाणीकरण प्रणाली के आधार पर पोषाहार का वितरण न करने वालीं गांव बिहारीपुर की सीमा, खुनक की कमलेश, लालूपुर नगरिया की आरती, सेमरा बनवीरपुर की प्राना देवी, सबदलपुर की परवीन को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया गया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दिया एक दिवसीय प्रशिक्षण
बिसौली। विकास खंड आसफपुर क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक प्रद्युम्न यादव ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण, बच्चों के स्वास्थ्य तथा प्रारंभिक शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। प्रशिक्षण के पहले दिन क्षेत्र के आठ सेक्टरों में से एक सेक्टर की लगभग 24 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान सरिता यादव, नीतू कश्यप, वीरवती, अरुणेश, कमलेश, खेमा, वीना, नीरज, राधा और रेशमी आदि मौजूद रहीं। संचालन मुख्य सेविका विमला देवी किया। संवाद