क्यूसेक गेज पर जलस्तर 163.05 तक पहुंचा, तटबंधों पर निगरानी शुरू
जिले की सीमा में बह रही गंगा उफान पर है। इस सीजन का सबसे अधिक पानी गंगा में बह रहा है। लगातार ऊपरी डैमों से पानी छोड़े जाने की सूचना से बाढ़ खंड के माथे पर चिंता की शिकन पड़ने लगी है। रविवार को करीब पौने दो लाख क्यूसेक पानी हरिद्वार से छोड़े जाने से खलबली मची है। ऐसे में बांधों के टूटने का खतरा भी बढ़ गया है। हालात को देखते हुए बाढ़ खंड अधिकारियों ने बांधों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी तेज कर दी गई है। प्रशासनिक आपदा प्रबंधन भी पल-पल की सूचनाएं संकलित कर रहा है।
ऊपरी डेमों से पानी छोड़े जाने के बाद पानी लगातार बढ़ रहा है। अगले 24 घंटे में पानी और अधिक बढ़ेगा। बिजनौर डैम से 84,472 क्यूसेक पानी और आने वाला है जो सोमवार की शाम तक कछला गंगा घाट तक पहुंच जाएगा।
गंगा में पानी बढने का रिकार्ड देखा जाए तो 26 जून को सर्वाधिक पानी 11,529 क्यूसेक पानी था। इस समय कछला में 163.05 क्यूसेक गेज पानी है। रविार को कुल 161.75 क्यूसेक गेज पर पानी था। रविवार को आज 84,472 क्यूसेक पानी रिकार्ड किया गया जो सीजन का सर्वाधिक पानी है। इसके साथ ही क्यूसेक गेज पर पानी 163.05 रिकार्ड किया गया है। बाढ़ खंड को मिली सूचना के आधार पर 1,15,869 क्यूसेक पानी बिजनौर डैम से छोड़ा गया है जो सोमवार की शाम तक कछला गंगा घाट तक पहुंच जाएगा। पानी बढ़ने की सूचना पर बाढ़ खंड विभाग सतर्क हो गया है। हरिद्वार डेम से इस सीजन का सबसे अधिक पानी रविवार की शाम को पौने दो लाख क्यूसेक छोड़ा गया है। जो सोमवार की शाम तक पहुंच जाएगा। इसे देखते हुए बाढ़ खंड के अधिकारियों में खलबली मची है और उन्होंने बांधों पर सुरक्षा की दृष्टि से निगरानी बढ़ा दी है।
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रामगंगा में पानी की रिपोर्ट संदिग्ध
गंगा में जहां पानी तेजी से बढ़ रहा है, वहीं रामगंगा का पानी कल से कम हुआ है। रामगंगा का रिकार्ड बरेली बाढ़ खंड रिकार्ड कर बदायूं भेजता है। रामगंगा शनिवार को केवल 159.020 तो रविवार को घटकर 158.780 क्यूसेक गेज ही रह गया। भरी बरसात के बाद रामगंगा में पानी घटने की बात लोगों की समझ से बाहर है। क्षेत्र के लोगों को कहना है कि रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी तो नहीं है।
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रविवार को गंगा में पानी की स्थिति
नरौरा डैम से 84,472 क्यूसेक
बिजनौर डैम से 1,15,869 क्यूसेक
हरिद्वार डैम से 1,70,912 क्यूसेक
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पानी बढ़ने के साथ ही पूरी सतर्कता बरती जा रही है। बाढ़ खंड के इंजीनियरों को बांधों की निगरानी पर लगा दिया है। उसहैत बांध पर पथरामई पर बांध की संवेदनशीलता को देखते हुए यहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
- एके वर्मा, एक्सईएन बाढ़ खंड