बदायूं। सीजन में पहली बार नरौरा बैराज से गंगा में सोमवार को 99 हजार क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया, इसके साथ ही गंगा खतरे का निशान पार करते हुए मीटरगेज पर 162.40 मीटर तक पहुंच गई है। मीटरगेज पर खतरे का निशान 162 और चेतावनी का 161 मीटर पर है।
उफान के कारण उसहैत और सहसवान के करीब 20 तटवर्ती गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। उसहैत के जटा, अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर गांवों को खाली कराने की तैयारी की जा रही है। रविवार को खतरे के निशान पर गंगा का जलस्तर 162.35 मीटर था। सोमवार को इसमें पांच सेमी का और इजाफा हो गया। सोमवार को नरौरा बैराज से गंगा में 99267, बिजनौर से 56820 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सोमवार को लगातार तीसरे दिन भी हरिद्वार से गंगा में एक लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़ा गया है। चौबीस घंटे में यह पानी नरौरा और फिर कछला तक पहुुंच जाएगा। सोमवार को गंगा में आए जबरदस्त उफान के साथ ही उसहैत क्षेत्र के रैपुर, अहमनगर बछौरा, कदम नगला, ठकुरी नगला, जटा, बेहटी, भखरी, कमलू नगला, चेतराम नगला, दियूरी नगला और सहसवान के टोटपुर करसरी, भकरौलिया, परशुराम नगला, नगला वीर सहाय, वरन नगला, तौफी नगला गांवों को बाढ़ ने घेर लिया है। उसहैत के अहमदनगर बछौरा और असमया रफतपुर को खतरा पैदा हो गया है। यहां के ग्रामीण भी सुरक्षित स्थानों की ओर कूच करने की तैयारी में हैं।
जलस्तर बढ़ने के साथ सभी तटबंधों पर अलर्ट
जिले में गंगा-महावा, उसहैत, उसावां तटबंध पहले से ही संवेदनशील हैं। इन तीनों तटबंधों पर विशेष चौकसी रखी जा रही है। बाढ़ खंड की टीमें यहां कटान रोकने के लिए भी लगातार काम कर रही हैं। सोमवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर पहुंचने के बाद कादरचौक के भुंडी, ईसमपुर, नगला अजमेरी, चंदनपुर-हुसैनपुर और जोरी नगला तटबंधों पर भी अलर्ट कर दिया गया है। हालांकि इन तटबंधों पर हालात अभी सामान्य है।
सोमवार को गंगा का जलस्तर बढ़कर मीटरगेज पर 162.40 मीटर तक पहुंच गया है। जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर है। गंगा में जबरदस्त उफान के मद्देनजर सभी तटबंधों पर अलर्ट कर दिया गया है। जरूरत होने पर तटवर्ती गांवों को भी खाली कराने की तैयारी की जा रही है। -नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड