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Budaun News: नौ साल से बंद हैं 48 लाख से चार चौराहों पर लगी ट्रैफिक लाइटें

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भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) पर लगी ट्रैफिक लाइट। संवाद
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बदायूं। शहर के प्रमुख चौराहों पर रोजाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए वर्ष 2016 में सर्वे कराकर ट्रैफिक लाइटें लगवाने की स्वीकृति हुई। फिर नगर पालिका ने 48 लाख रुपये खर्च कर भामाशाह चौक (पुलिस लाइन), परशुराम चौक (लावेला चौक), शहीद भगत सिंह चौक (नवादा तिराहा) और इंदिरा चौक पर ट्रैफिक सिग्नल लगवाईं गईं।
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शुरुआती दिनों में ये लाइटें सुचारू रूप से चलीं और पुलिस ने भी इनका उपयोग किया। वर्ष 2017 के बाद सभी लाइटें एक-एक कर बंद होती चली गईं। आज के हाल यह है कि कहीं खंभा टूटकर गिर चुका है, तो कहीं लाइटें ही गायब हो गई हैं। इन सिग्नल पर लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी शहरवासियों को जाम की समस्या से कोई राहत नहीं मिल रही। ऐसे में इन लाइटों को लगाने का मकसद पूरा नहीं हो सका और लोग अभी भी जाम की समस्या से परेशान है।

परशुराम चौक पर ट्रैफिक लाइट का खंभा टूटा
-परशुराम चौक (लावेला चौक) पर लगी ट्रैफिक लाइट का खंभा टूट चुका है। खंभे के टूटने से लाइट भी गायब हो गई है। इससे यहां ट्रैफिक व्यवस्था बाधित है। यह मार्ग भीड़भाड़ वाला है, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों को जाम में फंसे बिना निकलना मुश्किल हो रहा है। राहगीर खंभा और लाइट जल्दी लगवाने की मांग कर रहे हैं, ताकि ट्रैफिक नियंत्रण सुचारू रूप से हो सके।
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इंदिरा चौक की ट्रैफिक लाइट गायब
फोटो-15
-इंदिरा चौक पर लगी ट्रैफिक लाइट गायब हो चुकी है। यहां केवल काउंटिंग वाला इलेक्ट्रिक बोर्ड लटका हुआ है, जो किसी काम का नहीं रह गया। इससे जाम की समस्या आम हो गई है। ट्रैफिक पुलिस अक्सर हाथ से ही वाहन नियंत्रित करते है। स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर लाइट ठीक से काम कर रही होती, तो वाहन चालकों का मार्गदर्शन आसान हो जाता और सड़क दुर्घटनाओं की संभावना कम होती।
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बंद रहती हैं पुलिस लाइन चौक की लाइट
-भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) के पास हमेशा भारी भीड़ रहती है। यहां ट्रैफिक लाइट लगी हुई है, लेकिन कई सालाें से बंद है। इसी कारण पुलिसकर्मी हाथ से ट्रैफिक नियंत्रित करने को मजबूर हैं। यदि लाइट चालू रहती तो पुलिस का काम आसान होता और वाहन चालक नियमों का पालन बेहतर ढंग से करते। स्थानीय लोग कहते हैं कि लाइट बंद होने से जाम और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है। प्रशासन से अपील है कि ट्रैफिक लाइट को चालू कर जल्द से जल्द जाम और वाहन नियंत्रण की समस्या दूर की जाए।
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पुराने चौराहों के साथ-साथ नए जाम प्वाइंट भी बढ़ा रहे मुश्किलें
-नगर पालिका और जिला प्रशासन ने शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर करते हुए पुलिस लाइन, इंदिरा चौक, लावेला चौक, नवादा तिराहे पर जाम को देखते हुए लाइट लगवाई गई। इनके अलावा अब महाराणा प्रताप चौक (कचहरी तिराहा), लालपुल तिराहा, गांधी ग्राउंड, गोपी चौक, पथिक चौक, सुभाष चौक आदि नए जाम प्वाइंट बन गए है। नगर पालिका के साथ पुलिस प्रशासन को इस ओर भी ध्यान देना चाहिए।

क्या बोले व्यापारी

-ट्रैफिक लाइट बंद होने से जाम हमेशा रहता है। ग्राहक समय पर नहीं आ पाते और हमारी दुकान पर भीड़ कम हो गई है।

-राजेश गुप्ता
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-यदि लाइट चालू होती तो पुलिस का काम आसान होता और वाहन चालक नियमों का पालन बेहतर करते। इससे लोगाें को सहूलियत होगी।
-अमित वैश्य
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प्रशासन से हमारी अपील है कि जल्दी समाधान निकाले। जाम के कारण शहरवासियों और व्यापारियों दोनों को परेशानी हो रही है।
दीपक वर्मा

-नगर पालिका और जिला प्रशासन ने कुछ सोच समझ कर यह लाइट लगवाई थी। लेकिन खुद ही इन लाइट को भूल गए। यह दुखद बात है।
-राजेश कुमार
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नए सिरे से लगेंगी लाइटें
शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर नए तरीके से ट्रैफिक लाइटें लगाई जाएगी। इसके लिए प्रयास चल रहा है। - विनयमणि त्रिपाठी, ईओ नगर पालिका परिषद
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शहर के चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें सही कराई जाएगी। इसके लिए एसपी सिटी को निर्देश दिया गया है कि वह नगर पालिका प्रशासन से बात कर इस व्यवस्था को दुरूस्त कराएं। - डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी

भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) पर लगी ट्रैफिक लाइट। संवाद

भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) पर लगी ट्रैफिक लाइट। संवाद

भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) पर लगी ट्रैफिक लाइट। संवाद

भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) पर लगी ट्रैफिक लाइट। संवाद

भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) पर लगी ट्रैफिक लाइट। संवाद

भामाशाह चौक (पुलिस लाइन) पर लगी ट्रैफिक लाइट। संवाद

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