अलापुर। अलापुर नगर पंचायत की मुख्य मार्केट में लगातार जलभराव बने रहने से परेशान व्यापारियों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। समस्या का समाधान न होने से नाराज व्यापारियों ने नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान नगर पंचायत कर्मचारियों से उनकी नोकझोंक भी हुई। हालांकि कुछ देर बाद ताला खोल दिया गया। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
व्यापारियों का कहना है कि नगर में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। नालों के अभाव में कई मोहल्लों, विशेषकर मुख्य बाजार में गंदा पानी भर जाता है। हालात यह हैं कि नालियों का दूषित पानी सड़कों और दुकानों के सामने जमा हो जाता है, जिससे ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते। इससे व्यापार भी प्रभावित होता है।
व्यापारियों ने बताया कि पूर्व में इस मुद्दे को मीडिया द्वारा भी उठाया गया था। इसके बाद नगर पंचायत ने सीवर टैंक से प्रतिदिन पानी निकलवाना शुरू किया। बावजूद इसके स्थायी समाधान नहीं हो सका। मंगलवार को सीवर टैंक के पहिये में पंक्चर हो जाने से वह समय पर बाजार नहीं पहुंच सका, इसके कारण बाजार क्षेत्र में फिर से जलभराव हो गया। इससे आक्रोशित व्यापारी सीधे नगर पंचायत कार्यालय पहुंच गए।
कार्यालय पर जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति और समस्या के स्थायी समाधान को लेकर कोई ठोस आश्वासन न मिलने पर व्यापारियों का धैर्य टूट गया। उन्होंने गेट बंद कर उस पर ताला डाल दिया। इस दौरान कुछ कर्मचारियों से उनकी बहस भी हुई।
प्रदर्शन के दौरान मयंक गुप्ता, अर्पित गुप्ता, राम रक्षपाल गुप्ता, प्रदीप गुप्ता, राजकुमार गुप्ता, सोनू देवल, परीक्षित गुप्ता, राकेश गुप्ता आदि व्यापारी मौजूद रहे।
पांच करोड़ के भुगतान, पर बाजार की अनदेखी
सभासदों और व्यापारियों का आरोप है कि अध्यक्ष हुमा बी के कार्यभार संभालने के बाद से लगभग 5 करोड़ रुपये का भुगतान विभिन्न कार्यों में किया जा चुका है। बावजूद इसके नगर के मुख्य बाजार की सबसे गंभीर समस्या जलभराव का समाधान अब तक नहीं किया गया है। पिछले माह तीन करोड़ रुपये के टेंडर भी निकाले गए, बावजूद इसके उनमें बाजार क्षेत्र से संबंधित कोई कार्य शामिल नहीं था। कुछ सभासदों ने भी नाराजगी जताते हुए पहले बाजार की समस्या का समाधान कराने की मांग की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
भ्रष्टाचार और फर्जी हस्ताक्षर मामले में रिपोर्ट दर्ज
नगर पंचायत अध्यक्ष पर लगभग 2 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध होने की बात भी सामने आई है। वहीं, हाल ही में टेंडर प्रक्रिया में अधिशासी अधिकारी के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर निविदाओं में छेड़छाड़ का मामला भी प्रकाश में आया। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी द्वारा संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
बाजार क्षेत्र में नाले के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराई गई थी, लेकिन राजनीतिक कारणों से टेंडर नहीं होने दिए गए। मैं व्यापारियों की पीड़ा समझती हूं। कुछ लोग नगर के विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं। जल्द ही फैसला लिया जाएगा। - हुमा बी, नगर पंचायत अध्यक्ष अलापुर