वाणिज्य कर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन करतें व्यापारी। संवाद
बदायूं। जीएसटी की विसंगतियों के खिलाफ वाणिज्य कर कार्यालय पर व्यापारियों ने विरोध प्रदर्शन किया। बाद में व्यापारियों ने वित्तमंत्री के नाम आठ सूत्रीय मांग पत्र डिप्टी कमिश्नर खंड द्वितीय संजीव पाठक को सौंपा। व्यापारियों का कहना था कि छापेमारी करने वाले सचल दल मनमानी कर रहे हैं। मनमानी किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। व्यापारियों का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता सोंटू व प्रदेश मंत्री पवन जैन के साथ मंगलवार को दर्जनों व्यापारी वाणिज्य कर कार्यालय पहुंचे। जीएसटी में विसंगतियों के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मांग पत्र में कहा गया है कि जीएसटी विभाग के अधिकारी जिस तरह से कार्रवाई कर रहे हैं, उससे व्यापारी परेशान हो रहे हैं। आरोप है कि जीएसटी आर-1 फाइल करते समय बी 2 व बी 2 सी के लिए एचएसएन समरी अलग-अलग मांगी जा रही है।
इसका कोई औचित्य नहीं है। व्यापारियों के उत्पीड़न के लिए एचएसएन समरी अलग-अलग मांगी जा रही है, जिस पर रोक लगाई जानी चाहिए। दूसरा सेंट्रल जीएसटी कार्यालय से 2019 से 2024 तक पांच वर्षों की सूचनाएं व कागजात 15 दिन का समय देकर मांगे जा रहे हैं। फिजिकल ऑडिट के लिए टीम बनाकर व्यापारी के कार्यस्थल पर भेजी जा रही है। जबकि अधिकांश के निर्धारण पूर्व में हो चुके हैं। बार-बार नोटिस व ऑडिट किए जाने से व्यापारियों का उत्पीड़न होता है और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। इस पर रोक लगाई जाय। इस मौके पर प्रदेश मंत्री पवन जैन, जिला महामंत्री संजीव आहूजा, प्रदेश मंत्री अवधेश वर्मा, जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा आदि ने भी अपने विचार रखे हैं।