बदायूं। खाद्य सुरक्षा मामलों के न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) मानवेंद्र सिंह ने गृह लक्ष्मी नाम से बिकने वाले सरसों के तेल के अधोमानक मिलने के मामले की सुनवाई करते हुए खाद्य कारोबारी और फैक्टरी मालिक पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है। कोर्ट ने नीरज एजेंसी प्रतिष्ठान की मालकिन अल्का गुप्ता निवासी मोहल्ला साहूकारा गेट, कोतवाली पर 50 हजार रुपये और एसपी उद्योग, ग्राम-गिधपुरी (चिंकी), दरऊ रोड, किच्छा, जनपद-ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) की कोर्ट में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डाॅ. भूपेन्द्र सिंह की ओर से 8 जनवरी 2024 को दाखिल कराए वाद के आधार पर सुनवाई की गई। आदेश में बताया गया है कि 12 जुलाई 2023 को 2.30 बजे मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के नेतृत्व में गठित प्रवर्तन दल ने साहूकारा गेट, कोतवाली स्थित नीरज एजेंसी प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया।
अल्का गुप्ता ने स्वयं को नीरज एजेंसी का प्रोपराइटर बताया। निरीक्षण के दौरान मौके पर गोदाम में बिस्कुट, नमकीन, रिफाइंड ऑयल एवं सरसों का तेल मिला। एक गत्ते की पेटी में 20 बोतलें गृह लक्ष्मी सरसों के तेल की मिलीं। जिन पर पैकिंग तिथि, उपयोग तिथि भी अस्पष्ट थी। उस पर एसपी उद्योग, ग्राम गिधपुरी (चिंकी), दरऊ रोड, किच्छा, जनपद-ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) लिखा था।
तेल में मिलावट का संदेह होने पर नोटिस तैयार किया और गृह लक्ष्मी सरसों के तेल की बोतलों में से चार बोतलें (प्रत्येक 500 ग्राम) 280 रुपये में नमूना जांच के लिए क्रय कीं। अल्का गुप्ता ने एक नमूने की जांच स्वयं के खर्च पर एक्रेडिएड लैब से कराने से मना कर दिया। बाद में खाद्य विश्लेषक लखनऊ से जांच कराई।
लैब की जांच आख्या में नमूने अधोमानक घोषित किए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर वाद दर्ज कराकर विपक्षियों को नोटिस जारी किए गए। कोर्ट ने पत्रावली के साक्ष्यों को देखा। दोनों पक्षों को सुना। कोर्ट ने खाद्य कारोबारी अल्का गुप्ता और एसपी उद्योग की ओर से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए जुर्माने की कार्रवाई की।
कोर्ट ने आदेश दिया कि जुर्माना अदा करने तक व्यवसायी का कार्य बंद रहेगा। खाद्य कारोबारी यदि 30 दिन के अंदर धनराशि जमा नहीं करते हैं तो भू-राजस्व के बकाए की भांति वसूली की प्रक्रिया कराएं। आदेश की प्रति प्रभारी निरीक्षक कोतवाली बदायूं और प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली किच्छा, ऊधमसिंह नगर को भेजी गई।