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ट्रैक्टर-ट्रॉली ने मां-बेटा समेत तीन को रौंदा, मौत

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बाईपास पर वाहन के इंतजार में खड़े मां-बेटे और एक महिला के लिए ट्रैक्टर-ट्रॉली काल बन गई। कार से बचने के लिए दोनों महिलाएं पीछे हटीं तो ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आ गईं। जिससे तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की शिनाख्त उझानी कोतवाली क्षेत्र के गांव गंगोरा निवासी नन्हीं, उसके दो साल के बेटे अजीम और सिरसौली की गंगादेवी के रूप में हुई। पुलिस ने घरवालों के पहुंचने से पहले ही शव एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेज दिए। इससे गुस्साई भीड़ ने बरेली-मथुरा हाईवे पर जाम लगा दिया। सीओ सतीशचंद्र शर्मा ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो गुस्साए लोग उनकी कार पर टूट पड़े। सीओ घटनास्थल पर ही रह गए और ड्राइवर कार लेकर भाग गया। आसपास के थानों के फोर्स और पीएसी को बुलाने के बाद प्रशासनिक अफसरों को जाम खुलवाने में करीब दो घंटे लगे।
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गांव गंगोरा निवासी अशफाक की 40 वर्षीय पत्नी नन्हीं दो साल के बेटे अजीम को दवा दिलाने के लिए आई थीं। घर लौटने को वह बाईपास पर वाहन का इंतजार कर रही थीं। तभी गांव सिरसौली के सेवानिवृत्त चीनी मिल कर्मी ओमप्रकाश की पत्नी गंगादेवी (50) भी आकर खड़ी हो गईं। सामने से कार आती देख गंगादेवी पीछे हटीं, तो बालू लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली ने गंगादेवी को रौंदते हुए नन्हीं और उसकी गोद में अजीम को भी चपेट में ले लिया। इससे तीनों की मौत हो गई। पुलिस पहुंची तो उसने तीनों शव एंबुलेंस में रखकर जिला अस्पताल भिजवा दिए। खबर पर मृतकों के घरवाले भी पहुंच गए, पुलिस के खिलाफ उनका गुस्सा फूट पड़ा। भीड़ ने हाईवे पर जाम लगा दिया। सीओ सतीशचंद्र शर्मा और कोतवाल देवराज राठी जाम खुलवाने को बढ़े, तो लोगों से उनकी नोकझोंक हुई। भीड़ ने बाइक सवार तीन युवकों को भी पीट दिया। भीड़ सीओ की कार में डंडे मारने लगी। उनका ड्राइवर कार को बदायूं की ओर भगा ले गया। दो घंटा बाद जाम खुल सका।
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