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Budaun News: पर्यटन स्थल... नौ संभले नहीं, चार और बना दिए

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ज्वाहरपुरी स्थित इखलास खां का रोजा। संवाद - फोटो : BADAUN
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बदायूं। पर्यटन विभाग ने जिले के पर्यटन स्थलों की नई सूची जारी की है। इसमें चार नए धार्मिक और पौराणिक स्थलों को शामिल कर पर्यटनस्थल घोषित किया गया है। नए स्थलों में प्राचीन ककोड़ देवी मंदिर, बाबा कालसेन मंदिर उसहैत, प्राचीन दुर्गादेवी मंदिर रुदायन और पौराणिक स्थल राजा बेन बिनावर को शामिल किया गया है। सूची में कई ऐसे स्थल भी हैं, जो पहले से ही पर्यटन स्थल घोषित हैं, लेकिन सौंदर्यीकरण पर लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी उनकी स्थिति बदहाल है।
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ताजमहल की हूबहू शक्ल की इमारत इखलास खां का रोजा बदायूं में ही है। यह मकबरा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के संरक्षण में हैं। शाहजहां ने अपनी जिस पत्नी मुमताज की याद में ताजमहल बनवाया था, उन मुमताज की बहन परवर आलम का मकबरा भी बदायूं के शेखूपुर में हैं। सरकार ककोड़ा देवी मंदिर, बिनावर के पौराणिक स्थल राजा बेन के सौंदर्यीकरण पर 50-50 लाख खर्च कर चुकी है।
सूर्यकुंड के नाम से पहचाने जाने वाले मझिया स्थित सम्राट अशोक बुद्धस्थल और सहसवान में सरसोता के साथ पौराणिक स्थल राजा सहस्त्रबाहु के किले के सौंदर्यीकरण पर भी लाखों खर्च हुआ है, लेकिन इसके बाद भी जिले में पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल रहा है। कछला गंगाघाट, छोटी और बड़ी जियारत, मेला ककोड़ा की बात को छोड़ दें तो जिले में अन्य पर्यटन स्थलों पर देश, प्रदेश के पर्यटक आते ही नहीं। जिले में पर्यटन स्थलों की संख्या बढ़कर अब 13 हो गई है।
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विवाद के बाद सुर्खियों में आई बदायूं की जामा मस्जिद
बदायूं की जामा मस्जिद भी पर्यटन स्थल है। कुछ समय पहले तक इसकी खास पहचान नहीं थी, लेकिन हाल ही के महीनों में वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद के साथ बदायूं की जामा मस्जिद भी विवादों में आने के बाद सुर्खियों में है। इस पर कोर्ट में सुनवाई चल रही है।
बायोडायवर्सिटी पार्क बनने के बाद मिलेगा पर्यटन को बढ़ावा
सरकार ने बदायूं में कछला के पास गांव दहेमू में गंगा के तटवर्ती मैदानी इलाके में बायोडायवर्सिटी पार्क को स्वीकृति दी है। 50.30 हेक्टेयर क्षेत्रफल में बनने वाले इस पार्क का काम 2026 तक 6.64 करोड़ की लागत से पूरा किया जाना है। पार्क में दो जोन होंगे। इस पार्क में नमामि गंगे योजना के तहत जीव-जंतुओं और वनस्पतियों की आनुवंशिक विविधता, प्रजाति विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र विविधता और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। पार्क बनने के बाद बदायूं में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
नए घोषित पर्यटन स्थल
- प्राचीन ककोड़ देवी मंदिर
- पौराणिक स्थल राजा बेन बिनावर।
- बाबा कालसेन मंदिर उसहैत
- प्राचीन दुर्गा देवी मंदिर रुदायन
पूर्व में घोषित पर्यटन स्थल
- कछला गंगा घाट
- देवी शक्ति पीठा नगला मंदिर
- बड़ी जियारत
- छोटी जियारत
- जामा मस्जिद
- इखलास खां का रोजा
- सम्राट अशोक बुद्धस्थल
- सहसवान स्थित सरसोता
- मेला ककोड़ा
बदायूं में चार नए पर्यटन स्थल घोषित किए गए हैं। इनमें पौराणिक, ऐतिहासिक और धार्मिक स्थान हैं। शहर का नगला मंदिर, जामा मस्जिद और रोजा प्रमुख पर्यटन स्थलों में हैं। कुछ पर्यटन स्थलों का सौंदर्यीकरण भी कराया गया है। यहां पर्यटक भी आते हैं। अन्य स्थलों के सौंदर्यीकरण को लेकर योजना पर काम चल रहा है। -बीपी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी पर्यटन (बरेली-मुरादाबाद परिक्षेत्र)
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