गांव में सुबह चार बजे पहुंचेगी स्वच्छता मिशन की टीम, बताएगी खुले में शौच के नुकसान
गंगा एक्शन प्लान के 39 गांव की टीमों को दिया जा रहा ओडीएफ का प्रशिक्षण
गंगा एक्शन प्लान के तहत जिले के 39 गांवों को खुले में शौच मुक्त यानी ओडीएफ कराने के लिए स्वच्छता टीमें हर दिन सुबह चार बजे पहुंचकर लोगों को शौचालयों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करेंगी। शौचालय होते हुए भी जो ग्रामीण खुले में शौच जाते हैं, उनको इससे होने वाली हानियों के बारे में बताया जाएगा। इन सभी गांवों के लिए जिला प्रशासन की ओर से नोडल अधिकारी भी बना दिए गए हैं। इनके साथ स्वच्छता टीमों के लिए जिला स्वच्छता मिशन और युनीसेफ की ओर से ओडीएफ कराने का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। पांच दिवसीय प्रशिक्षण शहर के राजा गार्डन में दिया जा रहा है।
वृहस्पतिवार को प्रशिक्षण में लखनऊ से आए युनीसेफ के मास्टर ट्रेनर विकास सिंह और शशि मोहन ने स्वच्छता टीमों को बताया कि वे कैसे ग्रामीणों को खुले में शौच जाने से रोकें। बताया कि इसके लिए स्वच्छता टीमें सुबह चार बजे गांव में पहुंचकर खेतों में जा रहे लोगों को टोकेंगी और बताएंगी कि खुले में शौच से कई नुकसान हैं। महिलाओं को भी शौचालय के प्रयोग के लिए खास तौर पर प्रेरित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण 30 अप्रैल तक चलेगा। जिला पंचायत राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण प्रधान, खंड प्रेरक, महिला ग्राम पंचायत अधिकारियों और समाज सेवियों को दिया जा रहा है। शुक्रवार को तीन टीमें प्रशिक्षण लेने के बाद कादरचौक के ब्लॉक के गांव गड़िया गंगवरार और उझानी ब्लॉक के गांव धमेई और पिपरौल पुख्ता में जाकर लोगों को खुले में शौच के लिए न जाने को प्रेरित करेंगी। इसके बाद सुबह चार बजे इन्ही गांव में पहुंच कर नोडल अधिकारी ओडीएफ की स्थिति जानेंगे।