गंगा में हरिद्वार से छोड़ा गया पानी तीसरे दिन बदायूं में गंगा तक पहुंच गया। अमर उजाला ने इस बात से पहले ही आगाह कर दिया था। बाढ़ खंड में पानी के एक साथ बढने से खलबली मची है। अब गंगा का पानी 29 जून से उतार पर होगा। पानी के एक साथ अप-डाउन होने से कटान का खतरा बढ़ सकता है। बाढ़ खंड विभाग कटान को लेकर भी चिंतित है। हालांकि तीन लाख क्यूसेक से अधिक पानी आने पर ही गंगा में बाढ़ मानी जाती है और इस पानी से गंगा पर बने बांधों को कोई खतरा नहीं है।
पिछले दिनों पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बारिश का परिणाम था कि हरिद्वार से गंगा में 1.93 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। हरिद्वार से इतनी मात्रा में छोड़ा गया यह सीजन का पहला पानी था। उम्मीद के अनुसार तीसे दिन यहां कछला तक पानी आ गया। रविवार को कछला में 75553 क्यूसेक पानी रिकार्ड किया गया है। दरअसल, हरिद्वार से छोड़े गए पानी को बिजनौर और नरौरा डेम से नहरों में भी छोड़ दिया जाता है। इसलिए छोड़ा गया पूरा पानी यहां नहीं पहुंचा। जो अवशेष है उसके देररात तक पहुंचने की उम्मीद है। उसके बाद पानी घटने लगेगा। जानकारों की माने तो पानी के साथ बढने और घटने पर कटान होता है। इसलिए माना जा रहा है कि गंगा सोमवार से अपने फाटों के आसपास कटान भी करेगी। कटान कर अपनी दिशा भी जहां-तहां बदलेगी। बाढ़ खंड को यह चिंताजनक होती है। अगर, किसी बांध की ओर कटान अधिक होता है तो बांधों को भी खतरा हो जाता है। बांधों की सुरक्षा इस बार पहले से ही खतरे में है। बांधों की सुरक्षा को केवल 50 लाख रुपये ही मिले हैं। इससे केवल संवेदनशील स्थलों की ही मरम्मत हो सकी है।
गंगा मे पानी के डिस्चार्ज की ताजा स्थिति (क्यूसेक में)
नरौरा डेम- 75553
बिजनौर डेम- 51553
हरिद्वार डेम- 43558
कछला मीटर गेज पर गंगा-163.10