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Budaun News: रामगंगा में बाढ़ का कहर रोकने के लिए 2.90 करोड़ से बनेंगी ठोकरें

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दातागंज क्षेत्र में बाढ़ के पानी में नाव से जाते नगरिया खनू के लोग। फाइल फोटो
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दातागंज। बारिश में इस बार दातागंज क्षेत्र के किसानों की जमीन को रामगंगा की बाढ़ से बचाने के लिए 2.90 करोड़ रुपये का बजट शासन ने पास कर दिया है। कटाव निरोधक परियोजना के तहत बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में रामगंगा के किनारे 900 मीटर हिस्से में ठोकरें बनाने का काम जल्द शुरू होगा। निर्माण हो जाने के बाद रामगंगा के किनारे बसे 12 से ज्यादा गांवों के सैकड़ों किसानों को बाढ़ से राहत मिल जाएगी। पहली किस्त के रूप में सरकार ने आधी रकम जारी भी कर दी है।
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दातागंज क्षेत्र में बारिश के दौरान किसानों की सैकड़ों बीघा जमीन रामगंगा की बाढ़ में समा जाती है। रामगंगा के किनारे बसे गांव बिहारीपुर उरैना पुख्ता, मकरंदपुर आदि एक दर्जन से अधिक गांव में पिछले तीन-चार साल से रामगंगा की बाढ़ से कटान हो रहा है। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि बाढ़ में कटकर रामगंगा में समा चुकी है।
आंकड़ों के मुताबिक, अकेले बिहारीपुर गांव में ही करीब 400 बीघा जमीन बाढ़ में कट चुकी है। इसी समस्या को देखते हुए यहां बाढ़ कटाव निरोधक परियोजना के तहत काम कराने के लिए 2.90 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इसमें बाढ़ प्रभावित गांवों में रामगंगा के किनारों पर ठोकरें बनाकर कटान होेने से रोका जाएगा।
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एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि किसानों की परेशानी को देखते हुए रामगंगा के कटान से बचाव के लिए 900 मीटर की लंबाई का कटान निरोधक एक प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। शासन ने इसे स्वीकृत कर दिया है। इसके लिए 2.90 करोड़ रुपये की धनराशि भी स्वीकृत हो गई है। कार्य प्रारंभ करने के लिए आधी धनराशि शासन ने मुक्त भी कर दी है।


गंगा एक्सप्रेसवे का पुल भी होगा सुरक्षित
दातागंज क्षेत्र में बिहारीपुर गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे के अंतर्गत रामगंगा नदी पर पुल भी बन रहा है। बीते साल बाढ़ में सबसे अधिक कटान इसी पुल के आसपास हुआ था। चूंकि अब यहां पुल बन रहा है, लिहाजा कटान रुकने से यहां पुल भी सुरक्षित रहेगा। परियोजना के स्वीकृत होने के पीछे एक वजह यह भी बताई जा रही है।


100 बीघा में से 20 बीघा जमीन कट गई बाढ़ में : राजीव सिंह
नगरिया के रहने वाले राजीव सिंह तोमर ने बताया कि उनके पास 100 बीघा जमीन है। बीते साल आई बाढ़ में 20 बीघा जमीन रामगंगा में समा गई। हर साल बाढ़ से जमीन कटने का खतरा रहता है। अब अगर रामगंगा किनारे कटान रोकने का काम अभी से शुरू हो जाए तो आगे काफी फायदा होगा।



2200 में था गांव, 400 बीघा हो गया कटान
बिहारीपुर के प्रधान आलोक सिंह ने बताया कि उनके ग्राम पंचायत का रकबा ही 2200 बीघा है। इसमें 600 बीघा जमीन गंगा एक्सप्रेसवे में निकल गई। 400 बीघा जमीन को बाढ़ निगल गई। रामगंगा की धार का रुख अभी गांव की तरफ ही है। कृषि भूमि के अलावा हमारा गांव भी कटान के मुहाने पर है। इस परियोजना से गांव सुरक्षित हो जाएगा और बाकी जमीन भी बच जाएगी।


हर साल बाढ़ से यहां कटान होता है। इससे किसानों की जमीन रामगंगा में समा जाती है। इस परियोजना पर काम होने के बाद रामगंगा किनारे बसे गांव सुरक्षित हो जाएंगे। शासन-प्रशासन इस परियोजना को लेकर गंभीर है। जल्द काम शुरू हो जाएगा।- धर्मेंद्र कुमार सिंह, एसडीएम दातागंज

दातागंज क्षेत्र में बाढ़ के पानी में नाव से जाते नगरिया खनू के लोग। फाइल फोटो

दातागंज क्षेत्र में बाढ़ के पानी में नाव से जाते नगरिया खनू के लोग। फाइल फोटो

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