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हत्या से पहले पत्नी को मायके छोड़ आया था प्रदीप, घर में होती तो खोल देती राज

सार

दरअसल, प्रदीप ने मासूम काजल के पिता हृदेश से रंजिश के चलते हत्या की योजना उसी समय बना ली थी, जब उसके और हृदेश के बीच विवाद हुआ था। शव प्लास्टिक के बोरे में बंदकर सरकारी नलकूप के बोरवेल में फेंकने के बाद वह साढू के साथ ससुराल चला गया था।जेल जाते समय साढ़ू को कोसता रहा प्रदीपबच्ची की हत्या में प्रदीप के बाद उसके साढ़ू पूर्व प्रधान वीरेंद्र को पुलिस दबोचा, तभी प्रदीप की समझ में आ गया कि राज अब खुलकर ही रहेगा। वीरेंद्र ने पूछताछ के दौरान अकेले में प्रदीप की भूमिका पर सवाल उठाया, तो पुलिस को हकीकत सामने लाने में ज्यादा देर नहीं लगी।
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विस्तार
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उझानी (बदायूं)। हरहरपुर गांव में पांच महीने पहले लापता तीन साल की मासूम काजल की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रदीप ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। उसकी पत्नी दिमागी रूप से कमजोर है। प्रदीप मासूम की हत्या से तीन-चार दिन पहले ही उसे मायके में छोड़ आया था। इसके पीछे उसकी मंशा यही रही कि घर में मौजूदगी के दौरान कहीं वह राज न खोल दे।
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प्रदीप और उसके साढू पूर्व प्रधान वीरेंद्र की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों और पुलिस की जुबां पर कुछ ऐसी बातें ही सामने आ रही हैं, जो योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिए जाने का संकेत दे रही है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्य आरोपी प्रदीप की पत्नी की दिमागी हालत ठीक नहीं है। वह ज्यादातर समय अपने मायके में ही रहती है। दरअसल, प्रदीप ने मासूम काजल के पिता हृदेश से रंजिश के चलते हत्या की योजना उसी समय बना ली थी, जब उसके और हृदेश के बीच विवाद हुआ था। फिर भी उसे डर इस बात का रहा कि घर में पत्नी की मौजूदगी के दौरान अगर उसने घटना को अंजाम दिया तो दिमागी हालत ठीक नहीं होने के कारण वह राज खोल सकती है।
वह पत्नी को मायके में छोड़कर लौटा तो अगले दिन ही साढ़ू वीरेंद्र से मशविरा किया। शराब के नशे में काजल पर बाइक चढ़ाने के बाद प्रदीप और वीरेंद्र उसे उठाकर घर में ले गए और गला दबाकर मार दिया। उस वक्त प्रदीप के घर में कोई और सदस्य मौजूद नहीं था। शव प्लास्टिक के बोरे में बंदकर सरकारी नलकूप के बोरवेल में फेंकने के बाद वह साढू के साथ ससुराल चला गया था।
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जेल जाते समय साढ़ू को कोसता रहा प्रदीप
बच्ची की हत्या में प्रदीप के बाद उसके साढ़ू पूर्व प्रधान वीरेंद्र को पुलिस दबोचा, तभी प्रदीप की समझ में आ गया कि राज अब खुलकर ही रहेगा। वीरेंद्र ने पूछताछ के दौरान अकेले में प्रदीप की भूमिका पर सवाल उठाया, तो पुलिस को हकीकत सामने लाने में ज्यादा देर नहीं लगी। कोर्ट में पेशी के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल जाने से पहले प्रदीप ने साढ़ू वीरेंद्र को जमकर कोसा। उसने अपने एक रिश्तेदार से यहां तक कह दिया कि अगर वह फिर अकेला पकड़ा जाता तो राज नहीं खुल पाता।
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