फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गंगा में बढ़ा जलस्तर, 162.25 किया गया रिकॉर्ड

सार

मैदानी क्षेत्र में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश का असर गंगा और रामगंगा नदियों में देखने को मिल रहा है।हालात ये है कि रविवार को गंगा का गेज 162.12 मीटर दर्ज किया गया था।ऐसे में लोगों को करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बदायूं/ कादरचौक। मैदानी क्षेत्र में पिछले तीन दिन से हो रही बारिश का असर गंगा और रामगंगा नदियों में देखने को मिल रहा है। रविवार शाम को गंगा का जलस्तर 162.25 मीटर गेज दर्ज किया गया था। ऐसे में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। कादरचौक के मोहम्मदगंज से होकर निकल रहा रपटा पुल डूब गया है।
विज्ञापन

जिले से होकर गंगा और रामगंगा होकर निकल रही हैं। तीन दिन से जिले में हो रही तेज बारिश का असर अब इन दोनों नदियों में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। हालात ये है कि रविवार को गंगा का गेज 162.12 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं, शाम को ये बढ़कर 162.25 मीटर हो गया है, जो खतरे के निशान से 0.25 ज्यादा है। बाढ़ खंड के अनुसार नरौरा से 50349 क्यूसेक, बिजनौर 39831 क्यूसेक और 60571 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
इधर, कादरचौक से ककराला जाने वाले रोड पर सोतनदी के ऊपर बना रपटा पुल पूरी तरह से डूब गया है। इसकी वजह से अब लोगों को कादरचौक से भोजपुर होते हुए ककराला जाना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बाढ़ खंड के सहायक अभियंता नेशपाल सिंह के अनुसार गंगा-महाबा, उसहैत और उसावां में बने तटबंध संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को नदी से दूर रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारी भी इन जगहों पर निगाहें बनाए हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें