बदायूं। गन्ना लदे तीन ट्रॉले धर्मकांटा और कोल्हू के पास जांच के दौरान गन्ना सचिव को मिले। सचिव के पहुंचते ही लोग ट्रॉले छोड़कर भाग गए। जांच के दौरान किसी ने उनके संबंध में कुछ नहीं बताया। तीनों ट्रॉले यदु शुगर मिल के गन्ना क्षेत्र से मिले हैं। फिलहाल, सचिव ने अज्ञान के खिलाफ मूसाझाग थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
जिले में आठ चीनी मिलों के क्रय केंद्र लगते हैं। सभी चीनी मिलों को क्षेत्रों को आवंटन किया गया है। वहीं पर उनके क्रय केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। सभी चीनी मिलों की ओर से गन्ना खरीद शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही गन्ना माफिया सक्रिय हो गए हैं। ऐसे में सहकारी गन्ना विकास समिति के सचिव राजीव कुमार क्रय केंद्रों का निरीक्षण करने के लिए निकले, तो उन्होंने पाया कि यदु शुगर मिले के गन्ना क्रय केंद्र किसरुआ के गांव करौलिया में एक धर्मकांटे और कोल्हू के पास में तीन बड़े गन्ने से भरे ट्रॉले खड़े थे।
जैसे ही वहां पर खड़े लोगों की बात करने के लिए गए वह सब लोग ट्रॉले छोड़कर भाग गए। मौजूद लोगाें से ट्रॉले के संबंध में जानकारी ली तो किसी ने इस संबंध में जानकारी होने से इनकार कर दिया। ऐसे में किसी के पास ट्रॉला की पर्ची न मिलने पर अज्ञात के खिलाफ मूसाझाग में एफआईआर दर्ज कराई है।
धर्मकांटों के आसपास फैला है माफिया का सेंटर
किसान अपना गन्ना चीनी मिल को देने के लिए आते हैं, तो वह अपने गन्ने की तौल धर्मकांटों पर करते हैं, ताकि उनको अपने गन्ने के वजन की जानकारी हो सके। यही से माफिया उनको अपने जाल में फंसा लेते हैं। नकद धनराशि मिलने के चक्कर में किसान औने-पौने दामों में अपना गन्ना माफिया को बेच देते हैं। वहीं माफिया की भी चीनी मिल से सीधे सांठगांठ होती है। यहां से खरीदारी करते गन्ना माफिया बिना पर्ची के ही ट्रालियों को चीनी मिल बिना रोक टोक के ले जाते हैं। और वहां पर महंगे दामों पर बेच देते हैं। इसे चीनी मिल को नंबर एक में गन्ना खरीद नहीं दिखानी पड़ती है।
तकनीकी खराबी के चलते आठ घंटे बंद रही चीनी मिल
बदायूं। शेखूपुर स्थित द किसान सहकारी चीनी मिल बुधवार सुबह करीब आठ बजे तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई। इसके बाद चीनी मिल के इंजीनियर उसको शुरू करने में लग गए।
वहीं, दोपहर के समय जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल ने चीनी मिल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उनको भी चीनी मिल बंद मिली। वहां पर तैनात कर्मचारियाें ने तकनीकी खराबी आने की बात कही। इस पर उन्होंने जल्द से जल्द कमी को दूर करके ही चीनी मिल को शुरू करने के निर्देश दिए। उसके बाद में मिल यार्ड में गन्ने की गुणवत्ता को निरीक्षण किया गया। सभी ट्रॉलियों में गन्ना सही पाया गया। वहीं शाम चार बजे चीनी मिल चालू हो गई। जिसके बाद में गन्ने की पेराई होने लगी। संवाद