बदायूं। महिला अस्पताल में गर्भवती महिला को भर्ती न करने और गेट पर प्रसव होने के मामले में डीएम ने चार कर्मचारियों को दोषी माना है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को पत्र सीएमओ और सीएमएस को भेजा है। अब देखना यह है कि इन दोषियों पर क्या कार्रवाई होगी। देर शाम तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। सीएमओ सोमवार को कार्रवाई तय करने की बात कह रहे हैं।
गौरतलब है कि कबूलपुरा निवासी रवि अपनी पत्नी नीलम को प्रसव पीड़ा होने पर महिला अस्पताल 28 दिसंबर शुक्रवार को लाए थे। अस्पताल के कर्मचारी और महिला डॉक्टर ने देखा और हालत गंभीर बताई। कर्मचारियों ने कहा कि जच्चा-बच्चा दोनों में से किसी की गारंटी नहीं है। कई प्रकार की जांचे लिखी। जांच के नाम पर इधर उधर घुमाया जा रहा था। गर्भवती की हालत बिगड़ती जा रही थी लेकिन धरती के भगवनों के दिल नहीं पसीज रहे थे। महिला को भर्ती तक नहीं किया गया था। थकहार कर परिजन उसे अन्यत्र अस्पताल में लेकर जाने लगे। लेकिन महिला अस्पताल के गेट पर महिला की डिलीवरी हो गई। इस बात की जानकारी मिलते ही मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ में खलबली मच गई थी। आनन-फानन में महिला को चिकित्सकों ने देखा और मेडिकल कॉलेज में जाने को कह दिया, परिजनों ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां उसका उपचार चला। महिला के पति रवि का आरोप है कि महिला अस्पताल में स्टाफ ने छह हजार रुपये मांगे थे, वह दे नहीं पाया तो उसे परेशान किया गया था। इस मामले में डीएम ने जांच बिठाई थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में तीन स्टाफ नर्स और एक वार्डआया को दोषी माना। शुक्रवार को डीएम ने दोषियों पर कार्रवाई करने को पत्र सीएमओ और सीएमएस को भेज दिया गया। देर शाम तक दोनों अधिकारियों ने दोषी पाए जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं की है।
वर्जन
जांच रिपोर्ट के बाद चार कर्मचारी दोषी पाए गए हैं। सीएमओ के साथ बैठक कर दोष के हिसाब से कार्रवाई तय की जाएगी। कल रविवार का अवकाश है। सोमवार को कार्रवाई तय होने के बाद कार्रवाई की जाएगी। डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस, महिला अस्पताल, बदायूं।
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जो भी दोषी पाए गए हैं उन कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। कर्मचारियों का क्या दोष सामने आया है। दोष के हिसाब से उन कार्रवाई होनी है। सोमवार को कार्रवाई कर दी जाएगी। प्रभारी सीएमओ, डॉ. अब्दुल सलाम, जिला अस्पताल, बदायूं।