अलापुर। मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे पर कस्बा सखानूं में चच्चा-बच्चा केंद्र के सामने बनी तीन दुकानों और एक गोदाम को डीएम कुमार प्रशांत के निर्देश पर शुक्रवार को जेसीबी से ध्वस्त कराया। नियमों को दरकिनार करते हुए यह निर्माण कराया गया था। निर्माण ध्वस्तीकरण के समय एसडीएम सदर लाल बहादुर समेत भारी तादाद में फोर्स मौजूद रहे। हालांकि, दुकानों और गोदाम स्वामी का कहना है कि उसने अवैध निर्माण नहीं कराया था।
डीएम कुमार प्रशांत शुक्रवार को एसएसपी संकल्प शर्मा, सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह समेत अन्य अधिकारियों के साथ कोरोना टीकाकरण केंद्रों के निरीक्षण को निकले थे। दोपहर के वक्त वह सखानूं पहुंचे। सखानू में मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे किनारे स्थित बच्चा-बच्चा केंद्र के सामने तीन दुकानें और एक गोदाम बनाए जाने की शिकायत पहले से डीएम के पास थी। उन्होंने अधिकारियों को यह निर्माण ध्वस्त कराने के निर्देश दिए। करीब छह महीने पहले ही यह निर्माण कराया गया था। जिस जगह में निर्माण कराया गया वह जगह सखानूं निवासी हाजी तफज्जुल हसन और हाजी जमीरउद्दीन की थी। इन लोगों ने करीब तीन साल पहले जमीन का बैनामा कराया था। भवन स्वामी ने जमीन संबंधी कागजात भी अधिकारियों को दिखाए, लेकिन निर्माण को अवैध घोषित कर ढहा दिया गया।
लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया कि नक्शे के आधार पर हाईवे पर 80 फिट में यह जगह आ रही थी। निर्माण के समय भी कई बार निर्माण कराने से मना किया गया था। इसके बाद भी निर्माण करा लिया गया। ईओ नगर पंचायत मोहम्मद रजा का कहना है कि भवन निर्माण का नक्शा नगर पंचायत से पास नहीं कराया गया था। इसके अलावा निर्माण जच्चा-बच्चा केंद्र के ठीक सामने कराया गया था। इसी के चलते निर्माण को ध्वस्त कराया गया है।