बदायूं। जानलेवा हमले के मामले में जिला जज पंकज कुमार अग्रवाल ने दोषी करार देते हुए पिता-पुत्र समेत तीन लोगों को तीन-तीन साल कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक पर तीन-तीन हजार रुपयों का जुर्माना भी लगाया गया है।
उसहैत थाना क्षेत्र के गांव निताई नगला निवासी देशराज पुत्र सियाराम ने एक जून 2012 को पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि पड़ोसी गांव दुधारी नगला के रहने वाले राजकुमार, उसके पिता रामवीर और रामसिंह से खेत की मेड़ को लेकर विवाद हो गया था। इसी बात से वह लोग उससे रंजिश मानने लगे। दोनों के खेत बराबर में ही हैं।
एक जून की सुबह को वह अपने खेत गया था। आरोप था कि तीनों लोग खेत पर पहले से ही घात लगाए बैठे थे। उसको अकेला देखकर तीनों लोगों ने धारदार हथियार से जानलेवा हमला कर दिया। चीख पुकार सुनकर पास के ही खेत में काम कर रहे किसान जय और ओम सिंह दौड़कर मौके पर पहुंचे और ललकारा। जिस पर हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग गए। हमले में देशराज के सिर में गंभीर चोट आईं थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद विवेचना उपनिक्षक अमर सिंह को दी गई।
विवेचक द्वारा विवेचना की कार्रवाई पूरी करते हुए आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया। तब से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। पुलिस ने ऑपरेशन कन्विक्शन में इसे चिह्नित किया। कोर्ट ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर अभियोजन पक्ष से विशेष लोक अभियोजक अनिल कुमार राठौर व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुना। इसके बाद सोमवार को कोर्ट ने राजकुमार व उसके पिता रामसिंह और रामवीर को तीन -तीन साल कारावास की सजा सुनाई।